गोरखपुर: 25 फरवरी 2026
गोरखपुर जनपद के पिपराइच थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ अपनों ने ही एक बेसहारा महिला की लाचारी का फायदा उठाकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। एक विधवा महिला ने अपने देवर पर बेरहमी से मारपीट करने, मानसिक उत्पीड़न देने और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस हमले में महिला की आंख में गंभीर चोट आई है, जिससे उसकी दृष्टि प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पीड़िता ने पिपराइच थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए नामजद तहरीर दी है।
क्या है पूरा विवाद?
प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़िता पिपराइच थाना क्षेत्र की निवासिनी है और अपने पति की मृत्यु के बाद अपने दो मासूम बेटों के साथ संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत कर रही है। महिला का आरोप है कि उसका देवर विनीत सिंह, जो ग्राम करमहां, थाना चौरी चौरा का निवासी है, लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहा है।

दोनों पक्षों के बीच संपत्ति या किसी अन्य पारिवारिक विषय को लेकर पुरानी मुकदमेबाजी भी चल रही है। महिला ने बताया कि उसका देवर उस पर मुकदमा वापस लेने और अवैध मांगों को मानने के लिए लगातार अनैतिक दबाव बना रहा था।
17 फरवरी की सुबह: जब घर बना रणक्षेत्र
पीड़िता ने थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में 17 फरवरी 2026 की उस काली सुबह का जिक्र किया है, जब वह अपने घर बिछिया (बिचपुर) में थी। सुबह करीब 8 बजे देवर विनीत सिंह वहां पहुँचा और रुपये के लेन-देन का बहाना बनाकर विवाद शुरू कर दिया।
आरोप है कि देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि देवर ने आपा खो दिया और विधवा महिला पर टूट पड़ा। उसने महिला को जातिसूचक गालियां दीं और लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। हमले के दौरान महिला के चेहरे और विशेषकर आंख पर गंभीर वार किया गया, जिससे वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गई।
मेडिकल कॉलेज में जीवन-मौत की जंग
शोर सुनकर जब आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुँचे, तो हमलावर देवर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गया। आनन-फानन में बेहोश महिला को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर ले जाया गया। डॉक्टरों ने महिला की हालत नाजुक देखते हुए उसे तत्काल इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया।
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर अस्पताल न पहुँचाया जाता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। वर्तमान में महिला की स्थिति स्थिर है, लेकिन डॉक्टरों ने चिंता जताई है कि आंख पर हुए गहरे प्रहार के कारण उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है।
पीड़िता की पुकार: “बेटों के भविष्य का क्या होगा?”
अस्पताल के बिस्तर से अपनी व्यथा सुनाते हुए विधवा महिला ने कहा, “मेरे पति के जाने के बाद मैं किसी तरह मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों को पाल रही हूँ। मेरे देवर की नजर हमारी संपत्ति पर है और वह मुझे और मेरे बच्चों को रास्ते से हटाना चाहता है।” महिला ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उसे और उसके बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषी देवर को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पिपराइच पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी विनीत सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जिनमें प्रमुख हैं:
- मारपीट और गंभीर चोट पहुँचाना
- आपराधिक धमकी देना
- महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाना
थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस की एक टीम आरोपी के गांव करमहां में दबिश देने गई थी, लेकिन वह फिलहाल फरार है। पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का दावा कर रही है।
सामाजिक संगठनों ने जताया रोष
इस घटना के बाद स्थानीय महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विधवा महिला के समर्थन में आवाज उठाई है। उनका कहना है कि एक विधवा के साथ इस तरह की दरिंदगी सभ्य समाज पर कलंक है। उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी से मांग की है कि ऐसे पारिवारिक हिंसा के मामलों में ‘फास्ट ट्रैक’ जांच होनी चाहिए ताकि पीड़ित को तुरंत न्याय मिल सके।
निष्कर्ष
गोरखपुर में हुई यह घटना घरेलू हिंसा के उस भयावह रूप को दर्शाती है जहाँ रक्षक ही भक्षक बन जाते हैं। एक विधवा महिला जो पहले से ही सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है, उस पर इस तरह का जानलेवा हमला निंदनीय है। अब पूरी उम्मीद पिपराइच पुलिस पर टिकी है कि वह कितनी जल्दी आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाती है और पीड़िता को इंसाफ दिलाती है।












