बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 19 फरवरी 2026
गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भूपगढ़ से पारिवारिक क्रूरता की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। एक विवाहिता ने अपने ही ससुराल पक्ष पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने, बेरहमी से मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर पर गोला पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए ससुर, सास, दो ननद और देवर के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है पूरा प्रकरण?
प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम भूपगढ़ निवासिनी माया देवी पत्नी अमरेश ने थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र में अपनी आपबीती सुनाई है। माया देवी का विवाह अमरेश के साथ हुआ था, जो वर्तमान में अपनी आजीविका के लिए घर से बाहर रहकर नौकरी करते हैं। पीड़िता का आरोप है कि पति की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित करते हैं।
माया देवी ने बताया कि उसकी सास सिंघाड़ी देवी, ससुर राम जीत, ननद संध्या व रूबी और देवर विनय मिलकर उसे लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। छोटी-छोटी बातों पर उसे ताने मारना और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना ससुराल वालों की दिनचर्या बन चुकी थी।
12 फरवरी की खौफनाक रात: फ्रिज गिराकर दी जान लेने की कोशिश
पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर में 12 फरवरी की घटना का उल्लेख किया गया है, जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती है। माया देवी ने बताया कि उस दिन वह फोन पर अपने पति अमरेश से बात कर रही थी। पत्नी का अपने पति से बात करना ससुर राम जीत और सास सिंघाड़ी देवी को इतना नागवार गुजरा कि वे आपे से बाहर हो गए।
क्रोध में पागल होकर ससुर और सास ने माया देवी पर हमला बोल दिया। आरोप है कि हमले के दौरान उन्होंने घर में रखा फ्रिज उठाकर बहू के ऊपर गिरा दिया। इसके बाद भी जब उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने उसे लात, मुक्का और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर माया देवी की जान बचाई।
साजिश में ननद और देवर की भूमिका
माया देवी का आरोप है कि इस पूरी मारपीट और जानलेवा हमले के पीछे उसकी ननद संध्या, रूबी और देवर विनय की भी गहरी साजिश है। वे लगातार सास-ससुर को बहू के विरुद्ध भड़काते रहते थे। घर के पुरुषों और महिलाओं ने मिलकर एक ऐसी असुरक्षित स्थिति पैदा कर दी थी कि पीड़िता का वहां रहना दूभर हो गया था।
गोला पुलिस की कार्रवाई: बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। घरेलू हिंसा और जानलेवा हमले के इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है:
- धारा 115 (2): स्वेच्छा से चोट पहुँचाने के लिए सजा।
- धारा 351 (3): आपराधिक धमकी (गंभीर चोट या मौत की धमकी)।
- धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से अपमान।
- धारा 85: पति या पति के रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता।

समाज में बढ़ती प्रताड़ना और महिला सुरक्षा
भूपगढ़ की यह घटना केवल एक परिवार का विवाद नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ती घरेलू हिंसा की प्रवृत्ति को दर्शाती है। विशेषकर उन मामलों में जहाँ पति नौकरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं, महिलाओं को ससुराल में अधिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि माया देवी एक सीधी-सादी महिला है, लेकिन ससुराल वालों का व्यवहार हमेशा से आक्रामक रहा है। इस घटना के बाद गांव में भी रोष व्याप्त है और लोग दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का पक्ष और अगली कार्रवाई
गोला थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और बयानों के आधार पर साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि पीड़िता को आगे कोई नुकसान न पहुंचे।
निष्कर्ष
माया देवी के साथ हुई यह क्रूरता सभ्य समाज पर एक बदनुमा दाग है। घरेलू हिंसा के मामलों में परिवार के सदस्यों का इस हद तक गिर जाना कि वे फ्रिज जैसा भारी सामान बहू पर गिरा दें, मानसिक विक्षिप्तता को दर्शाता है। गोला पुलिस द्वारा दर्ज किया गया यह मुकदमा उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो बहू को परिवार का हिस्सा मानने के बजाय उसे प्रताड़ना का पात्र समझते हैं। उम्मीद है कि न्यायालय के माध्यम से माया देवी को न्याय मिलेगा और समाज में एक कड़ा संदेश जाएगा।
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