बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर1: 25 फरवरी 2026
जनपद के दक्षिणी छोर पर बहने वाली कुआनो नदी इन दिनों रहस्यमयी मौतों और मिलते हुए शवों के कारण चर्चा में है। बेलघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर माफी गांव के सामने नदी में बुधवार सुबह एक युवक का शव उतराता मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि महज पांच दिन पहले इसी नदी के पास एक 12 वर्षीय बालिका का शव बरामद हुआ था। लगातार हो रही इन घटनाओं से नदी तट के गांवों में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं।
बुधवार सुबह ग्रामीणों ने देखा शव
प्राप्त विवरण के अनुसार, बुधवार की सुबह जब रसूलपुर माफी गांव के कुछ ग्रामीण नदी किनारे गए, तो उन्होंने पानी में एक मानव शव उतराता हुआ देखा। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय बेलघाट पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बेलघाट पुलिस मौके पर पहुँची और गोताखोरों व स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया।
शव की शिनाख्त और परिजनों का कोहराम
पुलिस ने जब शव की शिनाख्त कराने के प्रयास शुरू किए, तो मृतक की पहचान उरुवा थाना क्षेत्र के ग्राम दुधरा निवासी अमरजीत (25 वर्ष), पुत्र चुन्नीलाल के रूप में हुई। शिनाख्त होते ही मृतक के परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पाकर नदी किनारे पहुँचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
अमरजीत के पिता चुन्नीलाल ने बताया कि उनका पुत्र बीते 21 फरवरी से ही घर से लापता था। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। विडंबना यह रही कि जिस दिन परिवार उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने की तैयारी कर रहा था, उसी दिन उसकी लाश कुआनो नदी से बरामद हुई।
पांच दिन में दूसरी घटना: ग्रामीणों में आक्रोश
कुआनो नदी में लगातार शवों का मिलना स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है।
- 20 फरवरी की घटना: उरुवा थाना क्षेत्र के धुरियापार (नदी के उस पार) में एक 12 वर्षीय मासूम बालिका का शव मिला था।
- 25 फरवरी की घटना: आज फिर रसूलपुर माफी के सामने अमरजीत का शव मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि नदी के सुनसान किनारों पर असमाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे राहगीर और स्थानीय लोग असुरक्षित महसूस करते हैं। लगातार दो मौतों ने बेलघाट और उरुवा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में डर पैदा कर दिया है।
पुलिस का पक्ष और पोस्टमार्टम की कार्यवाही
बेलघाट पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला पानी में डूबने से हुई मौत का प्रतीत होता है, लेकिन शरीर पर किसी चोट के निशान या हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
थाना प्रभारी ने बताया, “शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं, जिसमें युवक के गायब होने से लेकर शव मिलने तक की कड़ी को जोड़ा जा रहा है।”

हत्या या दुर्घटना? उलझी गुत्थी
अमरजीत की मौत को लेकर इलाके में कई तरह की चर्चाएं हैं। परिवार का कहना है कि अमरजीत का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था। ऐसे में वह नदी तक कैसे पहुँचा और उसकी मौत कैसे हुई, यह एक बड़ा सवाल है। 21 फरवरी से 25 फरवरी के बीच अमरजीत कहाँ था और किन परिस्थितियों में वह कुआनो नदी में गिरा, इसकी गहन जांच की आवश्यकता है।
नदी तट पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग
लगातार हो रही इन अप्रिय घटनाओं के बाद, रसूलपुर माफी, दुधरा और धुरियापार के ग्रामीणों ने प्रशासन से कुआनो नदी के घाटों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही नदी किनारे अंधेरा छा जाता है और सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।
निष्कर्ष
अमरजीत की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। कुआनो नदी के जल में छिपा सच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस तफ्तीश पर निर्भर है। क्या यह महज एक इत्तेफाक है कि 5 दिन में दो शव मिले, या इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र है? यह जांच का विषय है। फिलहाल, बेलघाट पुलिस के लिए यह मामला सुलझाना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।













