बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 2 मार्च 2026
रंजिश की जड़: 2018 में तय हुई थी शादी
प्राप्त विवरण के अनुसार, सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा की निवासी एक महिला ने अपनी व्यथा गोला पुलिस को सुनाई। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2018 में उसका रिश्ता गोला थाना क्षेत्र के केशवापार चाड़ी निवासी रवि पुत्र बच्चन के साथ तय हुआ था। उस समय दोनों परिवारों के बीच रजामंदी थी, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, युवक की गलत आदतों और उसके आचरण के बारे में जानकारी मिलने लगी। युवक के व्यवहार से असंतुष्ट होकर युवती के परिजनों ने उस रिश्ते को खत्म कर दिया और युवती की शादी दूसरी जगह संपन्न करा दी।

बदले की आग में मर्यादा भूला युवक
शादी टूटने की इसी बात को लेकर रवि के मन में रंजिश पैदा हो गई। पीड़िता का आरोप है कि रवि उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और अब उसने मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर दीं। आरोपी ने पीड़िता की कुछ पुरानी तस्वीरों को इकट्ठा किया और उन्हें अपनी फेसबुक आईडी और इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट करना शुरू कर दिया।
आरोपी केवल फोटो डालकर ही नहीं रुका, बल्कि वह आपत्तिजनक टिप्पणियां कर पीड़िता को बदनाम करने की कोशिश करने लगा। जब यह बात पीड़िता के ससुराल तक पहुँची, तो वहां भी विवाद की स्थिति पैदा हो गई। पीड़िता का कहना है कि आरोपी की इस घिनौनी हरकत के कारण उसके वैवाहिक जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ा है और नौबत यहाँ तक आ गई है कि पति-पत्नी के बीच तलाक की स्थिति बन गई है।
आईटी एक्ट के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई
पीड़िता की मार्मिक तहरीर और साक्ष्यों के आधार पर गोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने बताया कि आरोपी रवि के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 (IT Act) की धारा 66D के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
कानूनी जानकारी: धारा 66D के तहत ‘कंप्यूटर संसाधन का उपयोग करके प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी’ करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। इसमें दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से उन पोस्टों को हटाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रही है और आरोपी रवि की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
वैवाहिक जीवन पर मंडराया संकट
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर बुलीइंग और ब्लैकमेलिंग किसी भी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा को कितनी गहरी चोट पहुँचा सकती है। पीड़िता वर्तमान में भारी मानसिक दबाव में है। उसने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को कठोर दंड दिया जाए ताकि भविष्य में वह किसी अन्य बेटी का जीवन इस तरह बर्बाद न कर सके। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं के बाद अक्सर महिलाएं लोक-लाज के डर से चुप रह जाती हैं, लेकिन इस पीड़िता ने साहस दिखाकर पुलिस तक अपनी बात पहुँचाई है।
प्रशासन की अपील: सोशल मीडिया का सावधानी से करें प्रयोग
गोला पुलिस ने क्षेत्र की जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। प्राइवेसी सेटिंग्स का उपयोग करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपनी फ्रेंड लिस्ट में शामिल न करें। यदि कोई व्यक्ति आपको ऑनलाइन परेशान या ब्लैकमेल करता है, तो डरे नहीं और तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या ‘1930’ साइबर हेल्पलाइन पर सूचित करें।

निष्कर्ष
रवि द्वारा की गई यह हरकत न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि एक सामाजिक अभिशाप भी है। आईटी एक्ट के तहत दर्ज यह मुकदमा उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो सोशल मीडिया को अपनी निजी खुन्नस निकालने का औजार समझते हैं। कानून के हाथ लंबे होते हैं और डिजिटल पदचिह्न (Digital Footprints) कभी नहीं मिटते। उम्मीद है कि गोला पुलिस जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता को न्याय दिलाएगी।
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