बृजनाथ तिवारी
गोलाबाजार, गोरखपुर: 23 मार्च 2026

महंगाई के इस दौर में आम आदमी के लिए घर का चूल्हा जलाना दूभर होता जा रहा है। एक तरफ गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो दूसरी तरफ आपूर्ति की किल्लत ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है। गोरखपुर जनपद के गोला तहसील क्षेत्र में घरेलू गैस (LPG) की भारी किल्लत और होम डिलीवरी व्यवस्था ठप होने के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गोला के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पहुँचकर उप जिलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा और व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
कांग्रेस का आरोप: बिचौलियों का बोलबाला, उपभोक्ता परेशान
ब्लॉक अध्यक्ष श्रवण कुमार यादव के नेतृत्व में तहसील परिसर पहुँचे कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में गैस एजेंसियों की मनमानी चरम पर है। नियमानुसार उपभोक्ताओं को उनके घर तक सिलेंडर पहुँचाने (Home Delivery) की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन हकीकत इसके उलट है। उपभोक्ताओं को घंटों लाइनों में लगना पड़ रहा है और कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है।
श्रवण कुमार यादव ने कहा, “घरेलू गैस की आपूर्ति न हो पाने के कारण आम जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी बदतर है। गैस एजेंसियां सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं दे रही हैं, जिससे गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर आपूर्ति व्यवस्था जल्द सुनिश्चित नहीं की गई, तो कांग्रेस बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।”
एसडीएम का आश्वासन: नोडल अधिकारियों की पैनी नजर
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन लेते हुए उप जिलाधिकारी गोला, अमित कुमार जायसवाल ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन गैस आपूर्ति को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि गैस की आवक (DAC) होने के बाद वितरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन ने पहले ही गैस गोदामों का औचक निरीक्षण किया है और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर एजेंसी पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है।
एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “गैस वितरण में किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई एजेंसी संचालक गलत कार्य करते हुए पाया गया या उपभोक्ताओं को जानबूझकर परेशान किया गया, तो उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”
होम डिलीवरी शुल्क और नियम: क्या है हकीकत?
नियमों के अनुसार, गैस सिलेंडर की कीमत में ही होम डिलीवरी का शुल्क शामिल होता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि एजेंसियां उपभोक्ताओं से पूरा पैसा लेती हैं, लेकिन सिलेंडर लेने के लिए उन्हें गोदाम तक बुलाती हैं। इससे उपभोक्ताओं का समय और अतिरिक्त पैसा दोनों खर्च होता है। ज्ञापन में मांग की गई है कि गैस कंपनियां और प्रशासन यह सुनिश्चित करें कि हर पंजीकृत उपभोक्ता को उसके घर पर ही सिलेंडर मिले।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से गणेश मिश्रा, रामहरि राय, सुभाष मिश्रा, विक्रांत साहनी, मोहनलाल सोनकर, मनोज कुमार, महेंद्रनाथ मिश्रा, हरीश कुमार राय, शिवानंद ओझा, प्रभाकर राय, दुर्गेश मिश्रा और नंदलाल जायसवाल शामिल थे। कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए जनहित के मुद्दों पर प्रशासन को जगाने का प्रयास किया।
आम जनता की पीड़ा: चूल्हा जलाना हुआ मुश्किल
गोला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से आए उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के हफ़्तों बाद भी सिलेंडर नहीं मिलता। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी रिफिल के लिए भटकना पड़ रहा है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए इस कदम की स्थानीय लोगों ने सराहना की है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनकी रसोई और जेब से जुड़ा मुद्दा है।
निष्कर्ष: प्रशासन की परीक्षा
घरेलू गैस आपूर्ति (Domestic Gas Supply) का यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस ने गेंद प्रशासन के पाले में डाल दी है। अब देखना यह होगा कि एसडीएम द्वारा नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी कितनी निष्पक्षता से काम करते हैं और क्या गोला की जनता को वाकई उनके दरवाजे पर सिलेंडर मिल पाता है या यह आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रहेगा। सुचारू आपूर्ति ही क्षेत्र में व्याप्त असंतोष को शांत करने का एकमात्र जरिया है।
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