गोरखपुर: 09 फरवरी 2026
गोरखपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और रेलवे क्रॉसिंगों पर लगने वाले भारी जाम से जनता को निजात दिलाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद है। सोमवार को मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने हढ़हवा रेलवे लाइन पर निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित फ्लाइओवर का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने न केवल कार्य की भौतिक प्रगति का जायजा लिया, बल्कि पिलरों की मजबूती से लेकर गार्डर लॉन्चिंग तक की तकनीकी बारीकियों की भी गहन समीक्षा की। मंडलायुक्त के इस कड़े रुख से कार्यदायी संस्थाओं और इंजीनियरों के बीच हड़कंप की स्थिति रही।

गुणवत्ता से समझौता नहीं: मंडलायुक्त की सीधी चेतावनी
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने निर्माण स्थल पर पिलरों के निर्माण, एप्रोच रोड की चौड़ाई और जल निकासी व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों को स्पष्ट लहजे में कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता ही सर्वोपरि है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री का समय-समय पर तकनीकी परीक्षण (Technical Testing) अनिवार्य रूप से कराया जाए और इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में मानकों में कोई कमी पाई गई, तो संबंधित कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समयबद्धता: समय से पूरा हो जनहित का प्रोजेक्ट
हढ़हवा फ्लाइओवर परियोजना क्षेत्र के हजारों लोगों के दैनिक आवागमन के लिए जीवनरेखा साबित होने वाली है। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कार्यदायी संस्था से अब तक हुए कार्यों का विवरण लिया और शेष कार्य के लिए एक निश्चित समयसीमा (Deadline) निर्धारित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्य की गति को और तेज किया जाए ताकि मानसून आने से पहले मुख्य ढांचा तैयार हो सके। उन्होंने अधिकारियों को ‘प्लान-बी’ भी तैयार रखने को कहा, ताकि खराब मौसम या अन्य तकनीकी अड़चनों के कारण काम प्रभावित न हो।
यातायात प्रबंधन और जनता की सुविधा
निर्माण कार्य के दौरान आमजन को होने वाली परेशानियों पर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा विशेष रूप से गंभीर दिखे। उन्होंने निर्देशित किया कि:
- वैकल्पिक मार्ग: निर्माण क्षेत्र के आसपास वैकल्पिक रास्तों को दुरुस्त रखा जाए ताकि वाहनों का दबाव एक जगह न बढ़े।
- संकेतक बोर्ड: सुरक्षा के लिहाज से रिफ्लेक्टिव बोर्ड और संकेतक लगाए जाएं ताकि रात के समय दुर्घटना का खतरा न रहे।
- धूल और प्रदूषण: निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए नियमित जल छिड़काव के निर्देश दिए गए।
जाम से मुक्ति और आर्थिक विकास
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि हढ़हवा रेलवे लाइन पर फ्लाइओवर बन जाने से शहर के एक बड़े हिस्से को रेल फाटकों पर लगने वाले घंटों के जाम से मुक्ति मिलेगी। इससे न केवल लोगों के समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार को भी गति मिलेगी। व्यापारियों और दैनिक यात्रियों के लिए यह प्रोजेक्ट किसी वरदान से कम नहीं है।
विभागीय समन्वय पर जोर
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने बिजली विभाग, जल निगम और पीडब्ल्यूडी (PWD) के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। अक्सर देखा जाता है कि पाइपलाइन या बिजली के खंभों के शिफ्ट न होने के कारण निर्माण कार्य लटक जाते हैं। मंडलायुक्त ने कड़ा निर्देश दिया कि कोई भी विभाग इस जनहित की परियोजना में बाधा न बने और सभी अड़चनों को एक सप्ताह के भीतर दूर किया जाए।
अधिकारियों की रही मुस्तैद उपस्थिति
इस निरीक्षण के दौरान सेतु निगम के वरिष्ठ अभियंता, परियोजना से जुड़े मुख्य इंजीनियर और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने मौके पर ही कुछ तकनीकी सुधारों के सुझाव दिए और अगले निरीक्षण तक उन पर अमल करने की रिपोर्ट मांगी।
निष्कर्ष
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा द्वारा हढ़हवा फ्लाइओवर का यह निरीक्षण गोरखपुर के विकास के प्रति प्रशासनिक संजीदगी को दर्शाता है। गुणवत्ता और समयबद्धता का जो मंत्र उन्होंने अधिकारियों को दिया है, यदि उस पर पूरी निष्ठा से काम हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब गोरखपुर के लोग बिना किसी रुकावट के सरपट दौड़ते नजर आएंगे।
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