गोरखपुर: 14 फरवरी 2026
गोरखपुर का विकास पथ आज एक और महत्वपूर्ण मील के पत्थर का साक्षी बना। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जंगल कौड़िया विकास खंड के नवनिर्मित और अत्याधुनिक ब्लॉक भवन का लोकार्पण किया। यह भवन न केवल प्रशासनिक सुगमता का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के ग्रामीण विकास को एक नई गति भी प्रदान करेगा। इस गरिमामयी समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में रुद्राक्ष का पौधा लगाकर धरती को हरा-भरा रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

भव्य स्वागत और सम्मान का दौर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार पूर्वाह्न 11:25 बजे सड़क मार्ग से जंगल कौड़िया ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। उनके आगमन पर क्षेत्रीय विधायक फतेह बहादुर सिंह और ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। समारोह की शुरुआत मंच पर सम्मान समारोह के साथ हुई, जहाँ प्रमुख व प्रधान संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को भगवान गणेश और राधा-कृष्ण की भव्य प्रतिमाएं भेंट की गईं। साथ ही, उन्हें अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री के स्वागत में उमड़ी भारी भीड़ ने उनके ‘विकासवादी’ नेतृत्व के प्रति अपना उत्साह जाहिर किया।
पुरातन स्मृतियों को किया ताजा
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने जंगल कौड़िया ब्लॉक के प्रथम ब्लॉक प्रमुख स्व. रमापति जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विकास की जो नींव रखी गई थी, उसे आज नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ब्लॉक भवन और वहां बने भव्य कॉन्फ्रेंस हॉल की वास्तुकला और गुणवत्ता की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि यह भवन अब जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय का माध्यम बनेगा।
संघर्ष से सफलता तक: गोरखपुर के विकास की कहानी
मुख्यमंत्री ने अपने बचपन और प्रारंभिक राजनीतिक जीवन के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उन्होंने गोरखपुर की समस्याओं को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने कहा, “एक समय था जब गोरखपुर की पहचान पिछड़ेपन और बीमारियों से होती थी, लेकिन आज यह विकास का मॉडल बन चुका है।” मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धियों को गिनाते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- औद्योगिक क्रांति: खाद कारखाने (फर्टिलाइजर) का पुनः संचालन और धुरियापार में चीनी मिल सहित कई नई इकाइयों की स्थापना।
- स्वास्थ्य सेवा: एम्स (AIIMS) गोरखपुर की स्थापना से पूरे पूर्वांचल और नेपाल तक के मरीजों को लाभ मिल रहा है।
- कनेक्टिविटी: शहर के चारों ओर रिंग रोड का जाल बिछाकर यातायात को सुगम बनाया गया है।
शिक्षा और खेल के क्षेत्र में नए कीर्तिमान
जंगल कौड़िया और कैंपियरगंज के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष विजन साझा किया। उन्होंने बताया कि जंगल कौड़िया में डिग्री कॉलेज और स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण युवाओं को बौद्धिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किया गया है। वहीं, कैंपियरगंज में उत्तर प्रदेश के पहले वानिकी एवं हार्टिकल्चर विश्वविद्यालय की स्थापना को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, यहाँ से शिक्षा लेने वाले युवाओं के लिए भविष्य में रोजगार की असीम संभावनाएं होंगी और वे कृषि व वानिकी के क्षेत्र में नई क्रांति लाएंगे।
दिल्ली के प्रदूषण का जिक्र और पर्यावरण संदेश
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के गंभीर संकट का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि यदि हम आज नहीं चेते, तो भविष्य अंधकारमय होगा। उन्होंने रुद्राक्ष का पौधा लगाने के पीछे के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व को समझाते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।”
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लोकार्पण समारोह के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती थी। मंच पर और मंच के नीचे प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता बनी रही। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा, एडीजी अशोक मुथा जैन, डीआईजी एस. चनप्पा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एडीएम सहदेव मिश्रा और एसडीएम सिद्धार्थ पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
जंगल कौड़िया ब्लॉक भवन का यह लोकार्पण केवल ईंट-पत्थर की इमारत का उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत वे उत्तर प्रदेश के हर ब्लॉक और हर गाँव को डिजिटल और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाना चाहते हैं। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर रुद्राक्ष रोपण कर उन्होंने विकास और आध्यात्मिकता का जो संदेश दिया है, वह पूरे जनपद के लिए प्रेरणादायी है। अब यह नई इमारत क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के कार्यों को सरल बनाने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम बनेगी।
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