गोलाबाजार, गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद अंतर्गत बांसगांव क्षेत्र के टेढ़वा गुवार गांव के लाल और Central Industrial Security Force (CISF) के प्रधान आरक्षक सतीश चंद्र भारती ने देश की संपत्ति की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में कबाड़ माफियाओं द्वारा किए गए कायराना हमले के बाद वाराणसी में उपचार के दौरान शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। शनिवार को गोला उपनगर के पावन मुक्तिधाम पर नम आंखों के साथ शहीद जवान को अंतिम विदाई दी गई।

क्या थी पूरी घटना? माफियाओं का खूनी खेल
घटना 18 और 19 जनवरी की मध्य रात्रि की है, जब सतीश चंद्र भारती मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में स्थित एक बंद पड़ी कोयला खदान की सुरक्षा में तैनात थे। Singrauli district के नवानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस साइट पर देर रात कबाड़ माफियाओं ने धावा बोल दिया।
ड्यूटी पर मुस्तैद सतीश चंद्र ने जब बदमाशों को रोकने का प्रयास किया, तो अपराधियों ने उन पर कुल्हाड़ी, चाकू और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने जवान को बेरहमी से पीटने के बाद एक झोले के पट्टे से बांधकर पास के ही नाले में फेंक दिया। माफिया वहां से करीब 15 मीटर कीमती केबल तार लूटकर फरार हो गए।
इलाज के दौरान तोड़ दिया दम
जब रूटीन चेकिंग पर निकले निरीक्षक विकास कुमार ने जवान को पोस्ट से गायब पाया, तो खोजबीन शुरू हुई। सतीश चंद्र नाले में मरणासन्न अवस्था में मिले। उन्हें तत्काल सिंगरौली जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए वाराणसी के एपेक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। लगभग 12 दिनों तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बाद, शुक्रवार को इस जांबाज योद्धा ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
गोला मुक्तिधाम पर उमड़ा जनसैलाब: गार्ड ऑफ ऑनर
शहीद का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके पैतृक गांव टेढ़वा गुवार पहुंचा, जहां कोहराम मच गया। इसके बाद अंतिम यात्रा गोला उपनगर के मुक्तिधाम पहुंची। यहाँ सीआईएसएफ के जवानों और स्थानीय पुलिस बल ने अपने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honour) की सलामी दी। राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन किया गया।
इस दुखद घड़ी में स्थानीय प्रशासन, पुलिस अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भारी संख्या में उपस्थित रहे। हर किसी की आंखें नम थीं और जुबां पर केवल शहीद सतीश चंद्र भारती की वीरता के किस्से थे।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपियों पर इनाम घोषित
इस जघन्य अपराध को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों की पहचान के प्रयास जारी हैं और उन पर उचित इनाम भी घोषित किया गया है। Internal security को चुनौती देने वाले इन कबाड़ माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर

सतीश चंद्र भारती की शहादत ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे बांसगांव और गोला क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक निष्ठावान सैनिक के रूप में उनकी पहचान हमेशा क्षेत्र के युवाओं को प्रेरित करती रहेगी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहीद के परिवार को उचित मुआवजा और अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।
read more news: स्व. केशभान राय प्रतिभा खोज प्रतियोगिता 2026: 325 मेधावियों ने दिखाया अपना दम













