गोलाबाजार, गोरखपुर: 23 फरवरी 2026
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ‘सपोर्टिव सुपरविजन एंड रिव्यू’ (SRM) योजना के तहत सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गोला का सघन निरीक्षण किया गया। संत कबीर नगर से आई विशेष एसआरएम टीम ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का बारीक अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने अधिकांश व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया, हालांकि अस्पताल परिसर में और अधिक स्वच्छता बनाए रखने के कड़े निर्देश भी जारी किए।
निरीक्षण का आरंभ और ओपीडी समीक्षा
एसआरएम टीम में शामिल जिला मलेरिया अधिकारी राकेश कुमार पाल एवं डिस्ट्रिक्ट डेटा मैनेजर सर्वेश श्रीवास्तव सोमवार दोपहर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। टीम ने सबसे पहले रजिस्ट्रेशन काउंटर (पंजीकरण कक्ष) का जायजा लिया। यहाँ उन्होंने प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या और पंजीकरण की डिजिटल व मैनुअल प्रक्रिया को देखा। डेटा मैनेजर सर्वेश श्रीवास्तव ने ‘ई-अस्पताल’ पोर्टल पर प्रविष्टियों की शुद्धता की जांच की ताकि मरीजों का रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहे।
फार्मेसी और दवाओं का स्टॉक
दवा वितरण कक्ष (फार्मेसी) में पहुँचकर टीम ने स्टॉक रजिस्टर और वास्तव में उपलब्ध दवाओं का मिलान किया। चीफ फार्मासिस्ट जे.के. सिंह और अनुप श्रीवास्तव से दवाओं की एक्सपायरी डेट और जीवन रक्षक दवाओं के बफर स्टॉक के बारे में पूछताछ की गई। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रतिदिन अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की सूची सूचना पट (Notice Board) पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि मरीजों को बाहर से दवा न खरीदनी पड़े।
लैब और लेबर रूम: मरीजों से सीधा संवाद
अस्पताल की प्रयोगशाला में पहुँचकर टीम ने टीबी, मलेरिया, शुगर और अन्य जांचों की किट और मशीनों का परीक्षण किया। लेबर रूम (प्रसव कक्ष) का निरीक्षण टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहा। यहाँ भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों से टीम ने सीधा संवाद किया।
- नि:शुल्क उपचार: टीम ने पूछा कि क्या दवाइयों या प्रसव के लिए किसी भी स्तर पर पैसों की मांग की गई है।
- सुविधाएं: जेएसवाई (जननी सुरक्षा योजना) के तहत मिलने वाले लाभ और भोजन की गुणवत्ता पर मरीजों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिस पर टीम ने संतुष्टि जताई।

एनसीडी स्क्रीनिंग और टीकाकरण पर फोकस
निरीक्षण के दौरान गैर-संचारी रोगों (NCD) जैसे कैंसर, शुगर, और हाई ब्लड प्रेशर की स्क्रीनिंग की स्थिति जानी गई। बीपीएमयू यूनिट में डेटा की समीक्षा करते हुए टीम ने गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के नियमित टीकाकरण (Immunization) के कवरेज को बढ़ाने के निर्देश दिए। टीम ने कहा कि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित नहीं रहनी चाहिए।
स्वच्छता: सुधार की गुंजाइश
पंजीकरण काउंटर, ओपीडी, फार्मेसी, प्रयोगशाला, ऑपरेशन थियेटर, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड और शौचालयों के गहन अवलोकन के बाद टीम ने परिसर की सफाई पर विशेष टिप्पणी की। जिला मलेरिया अधिकारी राकेश कुमार पाल ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र की पहचान उसकी स्वच्छता से होती है। उन्होंने शौचालयों और वार्डों में नियमित रूप से ब्लीचिंग और कीटाणुनाशकों के उपयोग के निर्देश दिए ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।
एएएम सब सेंटर की ओर रवानगी
सीएचसी परिसर का निरीक्षण पूर्ण करने के बाद टीम क्षेत्रीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) सब सेंटरों के निरीक्षण के लिए रवाना हो गई। टीम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण इलाकों में अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से पहुँच रही हैं।
उपस्थित स्वास्थ्य कर्मी
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। इस अवसर पर डॉ. रजनीश राहुल, डॉ. चंद्र कुमार मौर्य, चीफ फार्मासिस्ट जे.के. सिंह, फार्मासिस्ट अनुप श्रीवास्तव, के एम उपाध्याय, स्टाफ नर्स मीना, स्वाती सिंह, सरिता राय, गायत्री मिश्रा, लैब टेक्नीशियन अरुण मिश्रा, पूनम मौर्य, अफरीन जिलानी, संजीव अग्रहरी (काउंसलर), विन्ध्यवासिनी एवं अजीत राय सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
एसआरएम टीम का यह दौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। व्यवस्थाओं पर टीम की संतुष्टि यह दर्शाती है कि गोला क्षेत्र के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। हालांकि, स्वच्छता के क्षेत्र में दिए गए निर्देशों पर अमल करना अस्पताल प्रशासन के लिए एक चुनौती और जिम्मेदारी दोनों होगी।













