कुशीनगर/गोरखपुर: 10 March 2026
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और कुशीनगर जनपद की सीमा पर मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गोरखपुर के चौरी-चौरा थाना क्षेत्र के एक युवक का शव पड़ोसी जिले कुशीनगर के एक खेत में शीशम के पेड़ से फंदे के सहारे लटका हुआ मिला। इस चौरी-चौरा युवक संदिग्ध मौत की खबर फैलते ही दोनों जिलों के सीमावर्ती गांवों में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान विवेक यादव (24 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों ने इस मामले में हत्या कर शव को लटकाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है।
घटना का विवरण: सुबह सिवान में मिली लाश
मंगलवार की सुबह कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत संखापार गांव के सिवान (खेत) में कुछ ग्रामीण अपने कृषि कार्यों के लिए निकले थे। तभी उनकी नजर एक शीशम के पेड़ पर पड़ी, जहाँ एक युवक का शव लटका हुआ था। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल स्थानीय हाटा कोतवाली पुलिस को दी।
पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर छानबीन की, तो मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों और पहचान के आधार पर उसकी शिनाख्त गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा थाना क्षेत्र स्थित केवलाचक गांव निवासी विवेक यादव पुत्र धर्मेंद्र यादव के रूप में हुई। 24 वर्षीय विवेक की मौत की खबर ने उसके पैतृक गांव में मातम पसरा दिया है।
परिजनों का गंभीर आरोप: ‘आत्महत्या नहीं, यह हत्या है’
जैसे ही चौरी-चौरा युवक संदिग्ध मौत की सूचना केवलाचक गांव पहुंची, विवेक के पिता धर्मेंद्र यादव और अन्य परिजन रोते-बिलखते कुशीनगर के लिए रवाना हो गए। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों का करुण क्रंदन देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
विवेक के परिजनों ने पुलिस के सामने स्पष्ट रूप से आशंका जताई है कि विवेक ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटकाया गया है। परिजनों का कहना है कि विवेक घर से किसी काम के लिए निकला था, लेकिन वह कुशीनगर के इस सुनसान सिवान तक कैसे पहुंचा और उसके साथ कौन-कौन लोग थे, यह गहन जांच का विषय है।

हाटा कोतवाली पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही हाटा कोतवाली पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के साक्ष्य जुटाए। चौरी-चौरा युवक संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवेक कुशीनगर जिले की सीमा में किस वाहन से आया था और उसकी अंतिम लोकेशन क्या थी।
कोतवाली प्रभारी ने बताया:
“शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमने शव को पोस्टमार्टम (Post Mortem) के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह और समय का पता चल सकेगा।“
युवा विवेक की मौत से उठे कई सवाल
24 साल का विवेक यादव अपने भविष्य को लेकर उत्साहित था या किसी तनाव में था, पुलिस अब उसके मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगालने की तैयारी कर रही है। चौरी-चौरा युवक संदिग्ध मौत के इस मामले में कई सवाल अनुत्तरित हैं:
- विवेक केवलाचक से संखापार गांव के सिवान तक कैसे और किसके साथ पहुँचा?
- क्या उसकी किसी से कोई पुरानी रंजिश थी?
- घटनास्थल पर संघर्ष के कोई निशान मिले हैं या नहीं?
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था
गोरखपुर और कुशीनगर के सीमावर्ती गांव अक्सर अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन जाते हैं। इस चौरी-चौरा युवक संदिग्ध मौत ने एक बार फिर इन इलाकों में पुलिस गश्त और इंटेलिजेंस पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सिवान के रास्तों पर रात के समय अंधेरा रहता है, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठाते हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जा सकती है ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। विवेक के गले पर मिले निशानों और शरीर के अन्य हिस्सों की चोटों का विश्लेषण डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया जाएगा। चौरी-चौरा युवक संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए कुशीनगर और चौरी-चौरा पुलिस आपसी समन्वय के साथ काम कर रही है।













