गगहा, गोरखपुर: 13 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार गोवंश संरक्षण और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम जारी है। इसी क्रम में जनपद गोरखपुर के थाना गगहा पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन पशुतस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तस्करी में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की पिकअप और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, साथ ही क्रूरतापूर्वक लादे गए गोवंशीय पशुओं को भी मुक्त कराया गया है।

सघन चेकिंग अभियान और गिरफ्तारी
प्रभारी निरीक्षक अंजुल चतुर्वेदी के कुशल नेतृत्व में गगहा पुलिस टीम इन दिनों क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और अवैध परिवहन पर कड़ी नजर रखे हुए है। शुक्रवार की भोर में उपनिरीक्षक अंकुर कुमार और उनकी टीम गगहा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन और उसके पीछे चल रही दो मोटरसाइकिलों को रुकने का इशारा किया गया।
पुलिस को देखते ही वाहन चालकों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। जब पिकअप की तलाशी ली गई, तो उसमें दो गोवंशीय पशु क्रूरतापूर्वक बंधे हुए पाए गए। पूछताछ करने पर जब आरोपी कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, तो पुलिस ने उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पशुतस्करों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- मिठाई लाल: पुत्र बसंत हरिजन, निवासी उनवल वार्ड नंबर 7, थाना खजनी, गोरखपुर।
- मदनी कुमार: पुत्र रामबली लोना, निवासी देउरबीर, थाना गगहा, गोरखपुर।
- गुड्डू लोना: पुत्र नीरहु लोना, निवासी जंगल उनवल बउरहवा, थाना कोतवाली खलीलाबाद, जनपद संतकबीर नगर।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मौके से एक बिना नंबर की पिकअप गाड़ी, दो मोटरसाइकिल (UP 53 श्रेणी की) और दो जीवित गोवंशीय पशु बरामद किए हैं। इस मामले में थाना गगहा में मु0अ0सं0 49/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है:
- गोवध निवारण अधिनियम (धारा 3/5A/8): गोवंशीय पशुओं के अवैध वध और परिवहन को रोकने के लिए।
- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (धारा 11): पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार करने के लिए।
सिंडिकेट की जांच में जुटी पुलिस
प्रभारी निरीक्षक अंजुल चतुर्वेदी ने बताया कि इन पशुतस्करों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि ये पशु कहाँ से चुराए गए थे या खरीदे गए थे और इन्हें किस बूचड़खाने या स्थान पर पहुँचाने की योजना थी। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के तार पड़ोसी जनपदों और अंतर्जनपदीय तस्कर गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं। बाइक सवारों का काम मुख्य रूप से ‘रेकी’ करना और पुलिस की लोकेशन तस्करों को देना था।
क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता का असर
गगहा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पशुपालकों और स्थानीय निवासियों में सुरक्षा का भाव जागा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर रात के समय पशुओं की चोरी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। पुलिस का कहना है कि रात में गश्त और ‘पिकेट’ ड्यूटियों को और मजबूत किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके।
निष्कर्ष
गगहा पुलिस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी पशुतस्करों के मनोबल को तोड़ने वाली है। गोवंश के प्रति क्रूरता और अवैध तस्करी जैसे अपराध समाज के लिए कलंक हैं। पुलिस की यह सफलता दर्शाती है कि कानून की नजर से अपराधी बच नहीं सकते। अब देखना यह होगा कि इस पूछताछ के आधार पर पुलिस और कितने बड़े ‘नेक्सस’ का खुलासा कर पाती है।
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