बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र में इन दिनों अपराधियों और चोरों का बोलबाला नजर आ रहा है। गणतंत्र दिवस के उल्लास के बीच चोरों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग गांवों में धावा बोलकर लाखों के माल पर हाथ साफ कर दिया। बीती रात ग्राम चिट्ठेपार में हुई चोरी (Theft) ने क्षेत्रवासियों को दहशत में डाल दिया है। गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिससे पुलिसिया कार्यप्रणाली और रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती के कारण चोर बेखौफ होकर बंद मकानों को अपना निशाना बना रहे हैं।
चिट्ठेपार: झंडारोहण के लिए गए शिक्षक के घर को बनाया निशाना
ताजा मामला ग्राम चिट्ठेपार का है, जहाँ रामकृष्ण शुक्ल के घर को चोरों ने बड़ी ही आसानी से खंगाल डाला। पीड़ित रामकृष्ण शुक्ल पेशे से शिक्षक हैं और उनका पूरा परिवार गोरखपुर शहर में रहता है। शनिवार की शाम करीब 4 बजे वह घर में ताला बंद कर गोरखपुर चले गए थे। रविवार सुबह जब वह अपने विद्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित होकर वापस गाँव लौटे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
घटना का विवरण:
- घर के मुख्य द्वार और कमरों के ताले टूटे हुए थे।
- अलमारियों और बक्सों के ताले तोड़कर उनमें रखे कीमती सामान, जेवरात और नकदी पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया।
- घर का सारा सामान फर्श पर बिखरा पड़ा था, जो चोरों की इत्मीनान से की गई करतूत को बयां कर रहा था।
पीड़ित ने तत्काल इसकी सूचना गोला थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मौका-मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
भड़ासरा में भी हुई थी चोरी, पुलिस के हाथ अब भी खाली
चिट्ठेपार की घटना से महज दो दिन पहले, यानी 24 जनवरी की रात को गोला थाना क्षेत्र के ही भड़ासरा गाँव में इसी तरह की वारदात सामने आई थी। वहाँ भी चोरों ने एक बंद पड़े मकान को निशाना बनाया था। एक के बाद एक हो रही इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चोरों के गिरोह ने क्षेत्र की रेकी कर ली है और वे विशेष रूप से उन घरों को निशाना बना रहे हैं जहाँ लोग बाहर रहते हैं।
ग्रामीणों में दहशत और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल
गोला उपनगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बढ़ती चोरी की घटनाओं ने पुलिस की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठंड के मौसम और कोहरे का फायदा उठाकर चोर सक्रिय हो गए हैं, जबकि पुलिस की रात्रि गश्त केवल मुख्य सड़कों तक ही सीमित रह गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि:
- गाँवों के भीतर रात्रि गश्त बढ़ाई जाए।
- संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए।
- पुरानी चोरी की घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा कर माल बरामद किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने जल्द ही कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया, तो चोरों के हौसले और भी बुलंद होंगे और भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।
निष्कर्ष: सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की आवश्यकता
चिट्ठेपार और भड़ासरा में हुई चोरी की ये घटनाएं पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। गणतंत्र दिवस जैसे संवेदनशील समय पर जब पूरी पुलिस फोर्स अलर्ट पर होती है, तब ऐसी वारदातों का होना सुरक्षा तंत्र में सेंधमारी को दर्शाता है। गोला थाना प्रभारी को चाहिए कि वे विशेष टीमों का गठन कर इन चोरी की घटनाओं का अनावरण करें ताकि जनता में खोया हुआ विश्वास पुनः बहाल हो सके।
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