बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 13 फरवरी 2026
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में चोरों के बुलंद हौसलों ने पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। अभी एक सप्ताह पहले रामपुर गडरी में हुई चोरी की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी कि चोरों ने ग्राम सुरदापार शुक्ल में एक सूने पड़े पुश्तैनी मकान को निशाना बनाकर भीषण चोरी की घटना को अंजाम दिया। शुक्रवार को जब परिवार का एक सदस्य घर पहुँचा, तो वहां का नजारा देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना की सूचना मिलते ही गोला पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्यों का संकलन शुरू कर दिया है।

पुश्तैनी मकान में चोरों का तांडव
ग्राम सुरदापार शुक्ल निवासी संपूर्णानंद तिवारी अपने भाइयों सच्चिदानंद और अखिलानंद तिवारी के साथ एक बड़े पुश्तैनी मकान के मालिक हैं। इसी घर का एक हिस्सा उनके चाचा के पुत्र दयानंद तिवारी का भी है। परिवार के अधिकांश सदस्य सरकारी और निजी नौकरियों के कारण गोरखपुर शहर या अन्य प्रदेशों में निवास करते हैं।
अगस्त माह में पिता के देहावसान के बाद संपूर्णानंद अपनी वृद्ध माता की देखभाल के लिए उन्हें गोरखपुर ले गए थे। परिवार के अन्य सदस्य भी एक बुजुर्ग महिला सदस्य की अस्वस्थता के कारण गोरखपुर में ही व्यस्त थे। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने इत्मीनान से घर के मुख्य दरवाजे समेत कुल चार कमरों के ताले तोड़ डाले।

यूं खुला चोरी का राज
घटना का पता शुक्रवार अपराह्न तब चला जब परिवार के मंझले भाई अखिलानंद तिवारी खेती-बारी के सिलसिले में गांव पहुँचे। उन्होंने जैसे ही मुख्य द्वार का ताला खोलने की कोशिश की, वह जमीन पर टूटा पड़ा मिला। घर के भीतर प्रवेश करते ही उनके होश उड़ गए। न केवल उनके कमरे, बल्कि दयानंद तिवारी और छत पर बने कमरों के भी ताले कटे हुए थे। घर के भीतर रखीं आलमारियां और बक्से खुले पड़े थे और सारा कीमती सामान अस्त-व्यस्त बिखरा हुआ था।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की सक्रियता
चोरी की सूचना मिलते ही गोला पुलिस सक्रिय हुई। मौके पर पहुँचे थाना प्रभारी ने जांच पूरी होने तक किसी को भी घर के भीतर जाने से रोक दिया ताकि उंगलियों के निशान (Fingerprints) और अन्य साक्ष्य सुरक्षित रहें। देर शाम फोरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने आलमारियों और संदूकों से कुछ महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए हैं, जो चोरों तक पहुँचने में मददगार साबित हो सकते हैं।
लाखों के नुकसान की आशंका: तहरीर का इंतजार
चूंकि परिवार के सभी जिम्मेदार सदस्य घटना के वक्त बाहर थे, इसलिए अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चोरों ने कुल कितनी नकदी और कितने जेवरात पर हाथ साफ किया है। दयानंद तिवारी के कमरे का ताला भी टूटा है, जो फिलहाल बाहर हैं। समाचार लिखे जाने तक परिजनों द्वारा सामान का मिलान किया जा रहा था, जिसके बाद ही थाने में लिखित तहरीर दी जाएगी।
रामपुर गडरी की यादें हुईं ताजा
सुरदापार शुक्ल की यह भीषण चोरी क्षेत्र के लोगों को डरा रही है। ठीक एक सप्ताह पहले इसी थाना क्षेत्र के रामपुर गडरी गांव में चोरों ने एक ही रात में चार सूने घरों के ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति चोरी की थी। उस मामले में भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। एक के बाद एक हो रही इन वारदातों से ग्रामीणों में भय और आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों की मांग: बढ़ाई जाए गश्त
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चोर केवल उन्हीं घरों को निशाना बना रहे हैं जो लंबे समय से सूने पड़े हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:
- रात्रिकालीन गश्त (Patrolling) को केवल मुख्य सड़कों तक सीमित न रखकर गांवों की गलियों तक पहुँचाया जाए।
- बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
- ग्राम सुरक्षा समितियों को पुनः सक्रिय किया जाए।
निष्कर्ष
सुरदापार शुक्ल में हुई यह भीषण चोरी पुलिस के लिए एक कड़ी परीक्षा है। यदि इन वारदातों का जल्द खुलासा नहीं हुआ, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। अब देखना यह है कि क्या गोला पुलिस इस बार चोरों के गिरोह को दबोच पाती है या सुरदापार शुक्ल के तिवारी परिवार को भी रामपुर गडरी की तरह इंसाफ का लंबा इंतजार करना होगा।
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