गोरखपुर जनपद के गोला तहसील क्षेत्र अंतर्गत गोला-कौड़ीराम मुख्य मार्ग पर स्थित प्रतिष्ठित बंशी चंद पी जी कॉलेज, चिलवा के परिसर में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत गौरवशाली और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। देश की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों को समर्पित इस महापर्व पर बंशी चंद पी जी कॉलेज परिवार ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया। विद्यालय को तिरंगे की लड़ियों और फूलों से सजाया गया था, जो परिसर की सुंदरता में चार चांद लगा रहे थे।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं बंशी चंद पी जी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राणा सत्यप्रकाश सिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। तिरंगा फहराने के पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के गायन से बंशी चंद पी जी कॉलेज का समूचा परिसर देशभक्ति की लहर से गुंजायमान हो उठा। छात्रों के कंठ से निकले राष्ट्रभक्ति के स्वरों ने वातावरण को भावुक और ऊर्जावान बना दिया।

प्राचार्य का संबोधन: रियासतों से गणतंत्र तक का सफर
ध्वजारोहण के उपरांत छात्र-छात्राओं और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बंशी चंद पी जी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राणा सत्यप्रकाश सिंह ने गणतंत्र के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है, क्योंकि इसी दिन हमारा देश एक पूर्ण गणतंत्र के रूप में विश्व पटल पर उभरा। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे भारतीय संविधान ने हमें दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र बनाया।
प्राचार्य ने अपने संबोधन के मुख्य बिंदुओं में कहा कि स्वतंत्रता से पूर्व भारत कई रियासतों में बंटा हुआ था और हमारा अपना कोई एकीकृत संविधान नहीं था। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद ही देश को एक सूत्र में पिरोया गया। उन्होंने छात्रों को संविधान में निहित मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि एक शिक्षित युवा ही लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी है। बंशी चंद पी जी कॉलेज के छात्रों से उन्होंने आह्वान किया कि वे केवल डिग्री प्राप्त न करें, बल्कि संविधान के मूल्यों को आत्मसात करें।
महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर बंशी चंद पी जी कॉलेज के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ के साथ-साथ गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और गणतंत्र की सफलता के लिए महापुरुषों के बलिदान को याद किया। बंशी चंद पी जी कॉलेज के प्रांगण में डॉ. रोहित चंद कौशिक, उमेश मिश्रा, कमलेश यादव, करुणेश राय, चंद्रशेखर, शिवम पांडेय और बृजेश सिंह ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और युवाओं का मार्गदर्शन किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उल्लास का वातावरण
समारोह के दौरान बंशी चंद पी जी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। भाषण प्रतियोगिता और कविताओं के माध्यम से छात्रों ने आधुनिक भारत की चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा की। बंशी चंद पी जी कॉलेज के परिसर में अनुशासन और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। अभिभावकों की भारी उपस्थिति ने यह सिद्ध किया कि महाविद्यालय का जुड़ाव केवल छात्रों से नहीं बल्कि पूरे समाज से है।
महाविद्यालय के कला संकाय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘तिरंगा नृत्य’ ने सभी का मन मोह लिया। बंशी चंद पी जी कॉलेज के शिक्षकों ने भी इस अवसर पर देश के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। प्राचार्य ने विशेष रूप से उन विद्यार्थियों की सराहना की जिन्होंने शिक्षा और खेलकूद के क्षेत्र में कॉलेज का नाम रोशन किया है।
समापन और मिष्ठान वितरण
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और उपस्थित अतिथियों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया। बंशी चंद पी जी कॉलेज प्रशासन ने सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सराहना की। प्राचार्य ने अंत में सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि बंशी चंद पी जी कॉलेज शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और नैतिकता के लिए सदैव संकल्पित रहेगा। इस आयोजन ने स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीयता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति नई चेतना जागृत करने का कार्य किया।
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