बृजनाथ तिवारी,
गोलाबाजार (गोरखपुर): 23 मार्च 2026

मानव मन की अगाध श्रद्धा जब किसी ईश्वरीय शक्ति से जुड़ती है, तो वह स्थान तीर्थ बन जाता है। गोरखपुर जनपद के गोला तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सेमरी में स्थित प्राचीन जम्बू द्वीप भगवती का मंदिर इसका जीवंत उदाहरण है। आदिकाल से यह मंदिर न केवल स्थानीय ग्रामीणों बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अटूट विश्वास का केंद्र बना हुआ है। नवरात्र के पावन दिनों में यहाँ का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और मंदिर परिसर एक भव्य मेले का रूप ले लेता है।
भौगोलिक स्थिति और सुलभ मार्ग

जम्बू द्वीप माता का यह पावन दरबार गोला-रामजानकी मुख्य मार्ग से हाटा-बडगो मार्ग पर स्थित है। मुख्य मार्ग से लगभग 3 किलोमीटर उत्तर दिशा में सेमरी गाँव के शांत और मनोरम वातावरण में माता का विग्रह स्थापित है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सरकार द्वारा मुख्य सड़क से मंदिर तक इन्टरलॉकिंग रोड का निर्माण कराया गया है, ताकि भक्तों को आवागमन में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
ऐतिहासिक जड़ें: बुढियाबारी से सेमरी तक का सफर
मंदिर के इतिहास और माता की उत्पत्ति के बारे में गाँव के बुजुर्ग कई रोचक और प्रेरणादायक कहानियाँ सुनाते हैं। जनश्रुतियों के अनुसार, जम्बू द्वीप भगवती का मूल मंदिर गोरखपुर के उत्तर में स्थित बुढियाबारी गाँव में है।
बताया जाता है कि सैकड़ों वर्ष पहले जब पूर्वज बुढियाबारी से आकर सेमरी गाँव में बसे, तो वे अपनी कुलदेवी माता जम्बू द्वीप की शक्ति और उनके प्रति अपनी अगाध श्रद्धा को भी साथ ले आए। उन्होंने यहाँ माता की स्थापना की और विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू की। समय के साथ माता के चमत्कारों और उनकी कृपा की चर्चा चारों ओर फैल गई और यह स्थान एक सिद्ध पीठ के रूप में विख्यात हो गया।
भक्तों की अटूट आस्था: मुंडन और मन्नतें
सेमरी स्थित इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ आने वाले भक्तों का अटूट विश्वास है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से माता के चरणों में अपनी अर्जी लगाता है, भगवती उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करती हैं।
- मुंडन संस्कार: आसपास के दर्जनों गाँवों के लोग अपने बच्चों का प्रथम मुंडन संस्कार कराने के लिए इसी मंदिर परिसर में आते हैं।
- धार्मिक आयोजन: भक्तों के सहयोग से यहाँ हर वर्ष श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन होता है, जिसमें पूरा क्षेत्र भक्ति के रस में सराबोर हो जाता है।
सुशासन और विकास का संगम
जम्बू द्वीप भगवती मंदिर के प्रति बढ़ती जन-आस्था को देखते हुए शासन-प्रशासन ने भी यहाँ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है। मंदिर तक पक्की सड़क और परिसर के सौंदर्यीकरण ने यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को और भी सुखद बना दिया है। मंदिर समिति और स्थानीय युवाओं के सहयोग से नवरात्र के दौरान उमड़ने वाली भीड़ के प्रबंधन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं।












