गोरखपुर जनपद के भटहट स्थित पोखरभिंडा में संचालित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आलमीन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (10+2) में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े ही गरिमामयी और देशभक्तिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद आलमीन एकेडमी के विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। विद्यालय परिसर को तिरंगे के रंगों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जो आलमीन एकेडमी की अनुशासन प्रियता और राष्ट्रीय पर्वों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
समारोह का औपचारिक शुभारंभ आलमीन एकेडमी के प्रबंधक मोहम्मद सिद्दीकी द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया, आलमीन एकेडमी का पूरा परिसर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की सुमधुर ध्वनि और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान हो उठा।

प्रबंधक का संदेश: संविधान और कर्तव्यों का संगम
ध्वजारोहण के पश्चात सभा को संबोधित करते हुए आलमीन एकेडमी के प्रबंधक मोहम्मद सिद्दीकी ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस हमें हमारे मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। उन्होंने कहा कि आलमीन एकेडमी का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक ऐसा नागरिक बनाना है जो संविधान के मूल्यों को समझे।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारे जीवन के आधार होने चाहिए। आलमीन एकेडमी के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य चरित्र निर्माण है। उन्होंने आह्वान किया कि आलमीन एकेडमी से निकलने वाला हर छात्र राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी लघु भारत की झलक
आलमीन एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति गीतों, ओजस्वी कविताओं और लघु नाटकों के माध्यम से बच्चों ने भारत की ‘विविधता में एकता’ का सुंदर चित्रण किया। आलमीन एकेडमी के छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘मेरे देश की धरती’ नृत्य ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान आलमीन एकेडमी के सीनियर छात्रों ने भाषण प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना और हमारे मौलिक अधिकार पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने बताया कि कैसे भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है और यह हमें अभिव्यक्ति की आजादी प्रदान करता है।
प्रधानाचार्य ने दिया अनुशासन और परिश्रम का मंत्र
विद्यालय के प्रधानाचार्य गणेश चंद पाण्डेय ने आलमीन एकेडमी के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही कल के भारत की निर्माता है। उन्होंने आलमीन एकेडमी के शिक्षकों की भी सराहना की, जो निरंतर छात्रों के भीतर राष्ट्रवाद की भावना को प्रज्ज्वलित रखते हैं।
प्रधानाचार्य ने जोर देकर कहा कि यदि युवा वर्ग अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ेगा, तो भारत को वैश्विक पटल पर पुनः ‘विश्व गुरु’ बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में द्वारा किए जा रहे नवाचारों पर भी चर्चा की।
समापन और मिष्ठान वितरण
कार्यक्रम के अंत में आलमीन एकेडमी के उन प्रतिभाशाली छात्रों को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने खेलकूद और शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। समारोह के समापन पर प्रशासन द्वारा सभी उपस्थित लोगों और विद्यार्थियों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया। इस अवसर पर एकेडमी के समस्त शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: राष्ट्र के प्रति समर्पण का दिन
भटहट की आलमीन एकेडमी में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति ही एक आदर्श समाज की नींव है। गणतंत्र दिवस का यह उत्सव न केवल एक आयोजन था, बल्कि यह बच्चों के मन में भारत के गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य के प्रति सम्मान पैदा करने का एक सशक्त माध्यम रहा।
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