बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 14 फरवरी 2026
महाशिवरात्रि के पावन पर्व से पूर्व, गोला उपनगर के वार्ड क्रमांक दो स्थित प्रसिद्ध झारखंडी नाथ मंदिर के प्रांगण में भक्ति और आस्था का अनूठा समागम देखने को मिल रहा है। शनिवार की सुबह से ही मंदिर परिसर ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ के महामंत्र से गुंजायमान हो उठा है। समाजसेवी दिलीप कुमार उमर के सौजन्य से आयोजित यह 24 घंटे का अखंड संकीर्तन क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना के साथ शुरू किया गया है। इस आयोजन को लेकर न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं में भी भारी उत्साह है।

भक्ति और संगीत का 24 घंटे का महाकुंभ
अखंड संकीर्तन का शुभारंभ शनिवार की सुबह विधि-विधान से पूजन और आरती के बाद हुआ। भजन मंडलियों द्वारा वाद्य यंत्रों की थाप पर निरंतर हरि नाम का जप किया जा रहा है। आयोजन समिति ने बताया कि यह कीर्तन अगले 24 घंटों तक अनवरत जारी रहेगा।
- समापन: रविवार की सुबह कीर्तन का समापन होगा।
- प्रसाद वितरण: समापन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें हजारों भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया जाएगा।

महिमा अपरंपार: खुले आसमान के नीचे विराजमान महादेव
प्राचीन झारखंडी नाथ मंदिर की ख्याति दूर-दराज तक फैली हुई है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ महादेव किसी भव्य गुंबद के नीचे नहीं, बल्कि खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं। मान्यता है कि झारखंडी नाथ अपने इस प्राकृतिक स्वरूप में ही अत्यंत प्रसन्न रहते हैं और यहाँ आने वाले हर भक्त का कल्याण करते हैं।
श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ यहाँ अपनी फरियाद लेकर आता है, भोले बाबा उसकी झोली कभी खाली नहीं रहने देते। विशेष रूप से सोमवार के दिन यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है और लोग दूध व जल से महादेव का अभिषेक करते हैं।
कायाकल्प और सुंदरीकरण का नया दौर
कभी उपेक्षित रहे इस स्थान का आज कायाकल्प हो चुका है। इसकी शुरुआत गोला नगर के स्थानीय व्यापारियों और प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से हुई, जिन्होंने आर्थिक मदद कर मंदिर परिसर को व्यवस्थित किया।
- विधायक निधि का सहयोग: मंदिर की बढ़ती प्रसिद्धि और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक निधि से भी सुंदरीकरण के लिए विशेष धन आवंटित किया गया है।
- आधुनिक सुविधाएं: अब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने, छाया और पेयजल की समुचित व्यवस्था की जा रही है, जिससे यहाँ आने वाले दर्शनार्थियों को असुविधा न हो।
आस्था का केंद्र और महाशिवरात्रि का मेला
झारखंडी नाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति का केंद्र भी है। यहाँ केवल गोला ही नहीं, बल्कि अन्य जनपदों से भी लोग दर्शन हेतु पहुँचते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ एक विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन भी भीड़ को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहता है।
समाजसेवी दिलीप उमर की सराहनीय पहल
इस अखंड संकीर्तन के मुख्य आयोजक दिलीप कुमार उमर ने बताया कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठानों से समाज में आपसी भाईचारा और धार्मिक चेतना बढ़ती है। उन्होंने क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे रविवार को आयोजित होने वाले प्रसाद वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित होकर पुण्य के भागी बनें।
निष्कर्ष
गोला उपनगर का झारखंडी नाथ मंदिर अपनी प्राचीनता और श्रद्धा के कारण पूर्वांचल के महत्वपूर्ण शिव मंदिरों में गिना जाता है। 24 घंटे के इस अखंड संकीर्तन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। मंदिर का लगातार हो रहा सुंदरीकरण और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि विकास के साथ-साथ हमारी धार्मिक विरासत भी सुरक्षित और समृद्ध हो रही है।
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