गोरखपुर: 23 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अपराधियों और मनचलों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब सुरक्षित समझे जाने वाले इलाकों में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। ताज़ा मामला एम्स (AIIMS) गोरखपुर की एक महिला डॉक्टर के साथ हुई बदसलूकी और छेड़खानी का है। शहर के पॉश इलाके में स्थित ओरियन मॉल से लौटते समय बाइक सवार तीन युवकों ने न केवल डॉक्टर का पीछा किया, बल्कि सरेराह अश्लीलता की हदें पार कर दीं। इस घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था और विशेषकर ‘एंटी-रोमियो स्क्वाड’ की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
पीड़िता गोरखपुर एम्स में कार्यरत एक रेजिडेंट महिला डॉक्टर हैं। मिली जानकारी के अनुसार, घटना 22 फरवरी की रात करीब 8 बजे की है। डॉक्टर अपनी ड्यूटी के बाद शहर के प्रसिद्ध ‘ओरियन मॉल’ गई थीं। जब वह मॉल से वापस अपने हॉस्टल की ओर लौट रही थीं, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने उन्हें निशाना बनाया।
आरोप है कि इन युवकों ने मॉल से लेकर एम्स तक करीब डेढ़ किलोमीटर तक डॉक्टर का पीछा किया। इस दौरान वे लगातार अश्लील फब्तियां कसते रहे और भद्दे इशारे करते रहे।
दरिंदगी की हद: बीच सड़क उतारी शर्ट
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि पीछा कर रहे युवकों में से एक ने उन्हें डराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए चलती बाइक पर अपनी शर्ट उतार दी। यह कृत्य दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है।
जब महिला डॉक्टर घबराकर तेज कदमों से एम्स के गेट नंबर-2 के पास पहुंचीं, तभी बाइक सवारों ने उनके करीब आकर ‘बैड टच’ (गलत तरीके से छूना) किया। डॉक्टर के शोर मचाने और सुरक्षा गार्ड्स की ओर दौड़ने पर आरोपी युवक अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी बाइक से फरार हो गए।

नाफोर्ड (NAFORD) ने उठाया मुद्दा, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
कैंपस के भीतर सुरक्षित पहुंचने के बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती साथियों को बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए North East Federation of All India Resident Doctors (NAFORD) ने मोर्चा संभाला। संगठन ने तुरंत मामले की शिकायत दर्ज कराई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पूरी घटना का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और उत्तर प्रदेश पुलिस को टैग किया।
देखते ही देखते यह मामला वायरल हो गया और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश फैल गया। डॉक्टरों का कहना है कि यदि एक महिला डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की स्थिति क्या होगी?
पुलिस की कार्रवाई: एसएसपी ने गठित की 4 टीमें
मामला हाईप्रोफाइल होने और सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने के बाद गोरखपुर पुलिस हरकत में आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल संबंधित थाने में अज्ञात बाइक सवारों के विरुद्ध छेड़खानी, अश्लीलता और जानबूझकर अपमानित करने की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस की रणनीति:
- CCTV फुटेज: ओरियन मॉल से लेकर एम्स गेट नंबर-2 तक के सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है।
- पहचान: पुलिस का दावा है कि बाइक के नंबर और शारीरिक बनावट के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली गई है।
- विशेष टीमें: एसएसपी ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए स्वात (SWAT) और स्थानीय पुलिस की कुल 4 टीमें गठित की हैं।
एम्स कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने की मांग
इस घटना के बाद एम्स गोरखपुर के डॉक्टरों और छात्रों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की है। रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि एम्स के आसपास की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की कमी और रात के समय पुलिस गश्त न होने के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। पीड़ित महिला डॉक्टर वर्तमान में गहरे सदमे में हैं और संगठन ने मांग की है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
निष्कर्ष
गोरखपुर एम्स की महिला डॉक्टर के साथ हुई यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है। एक तरफ हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ काम पर लौटने वाली महिलाओं को सरेराह प्रताड़ित किया जाता है। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल इन तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाए, बल्कि शहर के सुनसान रास्तों पर ‘पिंक पेट्रोल’ और सीसीटीवी सर्विलांस को और अधिक सुदृढ़ करे। दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो भविष्य में किसी भी मनचले के लिए नजीर साबित हो।













