गोरखपुर | चम्पा देवी पार्क में आयोजित बहुप्रतीक्षित गोरखपुर महोत्सव का शुभारंभ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जय वीर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, कलाकारों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने महोत्सव को भव्यता प्रदान की। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे परिसर में उत्सव और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण बन गया।

इस अवसर पर सदर सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ला, श्रीराम चौहान, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, एडीजी जोन मुथा अशोक जैन, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, डीआईजी/एसएसपी राज करन नय्यर, आयोजक नोडल एवं जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। महोत्सव को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा और व्यवस्थाओं की भी सराहना की गई।
लोकसंस्कृति, विज्ञान और स्थानीय उत्पादों का उत्सव

गोरखपुर महोत्सव में इस साल लोगों को लोकसंस्कृति के साथ-साथ विज्ञान प्रदर्शनी का भी आनंद मिल रहा है। स्कूल के बच्चों ने मिलकर जो विज्ञान प्रदर्शनी तैयार की है, वह लोगों को बहुत पसंद आ रही है। इस प्रदर्शनी में बच्चों ने अपनी प्रतिभा और नए विचारों को दिखाया है, जो वाकई में बहुत अच्छा है।
महोत्सव में स्थानीय उत्पादों और सामानों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपनी कला और उत्पाद दिखाने का मौका मिला है। यह कदम आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जय वीर सिंह ने उद्घाटन समारोह में कहा कि गोरखपुर एक तपोभूमि है। यहाँ की पहचान और गौरव न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी फैली हुई है। मंत्री जय वीर सिंह ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। आज लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “बुलडोजर बाबा” के नाम से गर्व से पुकारते हैं।
मंत्री ने वर्ष 2025 के कुम्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति और व्यवस्थागत क्षमता का उदाहरण है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और आयोजक समिति को धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि पर्यटन विभाग भविष्य में भी संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहयोग करता रहेगा।
स्वागत, आभार और उपलब्धियों की जानकारी

आयोजक नोडल एवं जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने मंच से उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिससे राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ हुआ है। आयोजक समिति के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गोरखपुर महोत्सव शहर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने वाला आयोजन बन चुका है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन: कथक और सरस्वती वंदना की धूम

महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर एडी स्कूल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। इसके पश्चात मथुरा की सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा ने कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रोताओं की भरपूर तालियां बटोरीं। शास्त्रीय नृत्य की यह प्रस्तुति महोत्सव की सांस्कृतिक गरिमा को और ऊंचाई प्रदान करती नजर आई।
सुदृढ़ सुरक्षा और जनसहभागिता से बढ़ा उत्साह
महोत्सव स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एडीजी जोन, डीआईजी रेंज और जिला पुलिस प्रशासन की सतत निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
गोरखपुर महोत्सव में शहरवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी वर्ग के लोग महोत्सव का आनंद ले रहे हैं। संस्कृति, कला, विज्ञान और स्थानीय पहचान को समर्पित यह आयोजन गोरखपुर को सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिला रहा है। चम्पा देवी पार्क में आयोजित गोरखपुर महोत्सव न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह स्थानीय प्रतिभाओं, विद्यार्थियों, कारीगरों और कलाकारों को प्रोत्साहित करने का सशक्त मंच भी बन रहा है।
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