गोरखपुर: 7 मार्च 2026

आगामी पर्वों अलविदा जुमा, ईद-उल-फितर और चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर शहर की आबो-हवा में शांति और भाईचारा बना रहे, इसके लिए गोरखपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शुक्रवार को गोरखनाथ थाना परिसर में आयोजित ‘गोरखनाथ शांति समिति बैठक ‘ ने स्पष्ट संदेश दिया कि आस्था का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन कानून के दायरे में रहकर। एसीएम प्रथम प्रशांत वर्मा और क्षेत्राधिकारी (CO) गोरखनाथ रवि कुमार सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हिंदू-मुस्लिम समुदायों के संभ्रांत नागरिकों, मस्जिदों के इमामों और पार्षदों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने का संकल्प लिया।
प्रशासनिक गाइडलाइन: मर्यादा में मनेगी खुशियाँ
बैठक को संबोधित करते हुए एसीएम प्रथम प्रशांत वर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना स्वैच्छिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि त्योहार आपसी प्रेम के प्रतीक हैं और इसमें किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्य निर्देश:
- धार्मिक स्थलों की मर्यादा: लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर ही होनी चाहिए।
- साफ-सफाई: नगर निगम को निर्देशित किया गया है कि ईदगाहों, मस्जिदों और मंदिरों के मार्ग पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
सुरक्षा का अभेद्य किला: ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचते हुए बताया कि गोरखनाथ शांति समिति बैठक के निर्णयों के अनुसार, संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
“हमारी आईटी सेल (IT Cell) सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर पैनी नजर रख रही है। अफवाह फैलाने वाले या भड़काऊ पोस्ट साझा करने वाले सीधे जेल जाएंगे।” रवि कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ
थाना प्रभारी की दो टूक: सड़कों पर नमाज प्रतिबंधित
कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि अलविदा जुमा और ईद की नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाहों के परिसर के भीतर ही अदा की जाएगी। सड़कों पर नमाज पढ़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने यह भी बताया कि अराजक तत्वों को चिह्नित कर लिया गया है और पुलिस की गश्त (Patrolling) बढ़ा दी गई है।
युवाओं को संदेश: “वतन से मोहब्बत ही सबसे बड़ी इबादत”
बैठक के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता के पुरोधा शाकिर अली सलमानी ने युवाओं को भावुक और तार्किक संदेश दिया। वैश्विक तनाव (ईरान-इजराइल संघर्ष) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को बाहरी विवादों से प्रभावित होकर अपनी ऊर्जा बर्बाद नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “हमें अपनी मिट्टी और अपने वतन भारत से मोहब्बत है। युवाओं को किसी भी ऐसी नारेबाजी या गतिविधि का हिस्सा नहीं बनना चाहिए जिससे उनके करियर पर आंच आए या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े। शांति और विकास ही हमारा असली रास्ता है।”
बैठक के रणनीतिक निर्णय और बिंदु
गोरखनाथ शांति समिति बैठक में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि जनसुविधाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई:
- निर्बाध बिजली और पानी: त्योहार के दिनों में बिजली विभाग को रोस्टर के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- भीड़ नियंत्रण: बाजारों में अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
- संयुक्त गश्त: सभी मोहल्लों में शांति समिति के सदस्य पुलिस के साथ मिलकर समन्वय का कार्य करेंगे।
निष्कर्ष: सुशासन और विश्वास का संगम
गोरखनाथ पुलिस और जनता के बीच हुआ यह संवाद केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि अटूट विश्वास का संगम है। ‘गोरखनाथ शांति समिति बैठक 2026’ की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि हम नागरिक के रूप में कितने जिम्मेदार हैं। प्रशासन की सख्ती और जनता का सहयोग मिलकर गोरखपुर को एक बार फिर सौहार्द की मिसाल के रूप में पेश करेंगे।












