बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
बेलघाट/गोलाबाजार, गोरखपुर: जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत कम्हरियाघाट पुल के पास शुक्रवार की शाम एक बार फिर ‘रफ्तार का कहर’ देखने को मिला। एक बेकाबू और तेज रफ्तार डंपर ने 32 वर्षीय युवक को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस बेलघाट सड़क हादसा 2026 की खबर मिलते ही ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। पिछले 10 दिनों के भीतर इसी स्थान पर यह दूसरी मौत है, जिससे आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हादसे का विवरण: शाम 5:30 बजे बना ‘काल’ बना डंपर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे की है। ग्राम नारगड़ाजंगा सिंह निवासी राकेश निषाद (32 वर्ष) पुत्र लहरी निषाद किसी काम से जा रहे थे। तभी कम्हरियाघाट पुल के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। डंपर की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। टक्कर इतनी भीषण थी कि राकेश के शरीर के परखच्चे उड़ गए और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

10 दिन में दो मौतें: ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
हादसे के बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों का आरोप है कि कम्हरियाघाट मार्ग पर डंपर चालक बेलगाम होकर वाहन चलाते हैं। महज 10 दिन पहले भी इसी स्थान पर एक अन्य युवक की सड़क हादसे में जान गई थी। बार-बार हो रही मौतों और पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि:
“क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण डंपरों की संख्या बढ़ गई है। ये चालक आबादी वाले क्षेत्रों में भी रफ्तार कम नहीं करते। प्रशासन की चुप्पी के कारण हमारे गांव के नौजवान असमय काल के गाल में समा रहे हैं। जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, जाम नहीं खुलेगा।“
भारी पुलिस बल तैनात: तनावपूर्ण स्थिति
हंगामे और चक्का जाम की सूचना मिलते ही बेलघाट सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुँच गई। बेलघाट सड़क हादसा 2026 के बाद उपजे तनाव को देखते हुए आला अधिकारियों को भी सूचित किया गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन ग्रामीण डंपरों की रफ्तार पर स्थाई नियंत्रण और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक राकेश निषाद (32) अपने परिवार का मुख्य सहारा था। उसकी असमय मौत से घर में कोहराम मच गया है। पत्नी और बच्चों के करुण क्रंदन से पूरा गांव मर्माहत है। नारगड़ाजंगा सिंह गांव में आज चूल्हा तक नहीं जला। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी दहशत है कि यदि यही स्थिति रही, तो मार्ग पर चलना दूभर हो जाएगा।












