बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 12 March 2026
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट और ‘ग्रेटर नोएडा’ की तर्ज पर विकसित होने वाले धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र की धड़कन माना जाने वाला धुरियापार चीनी मिल सड़क मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गोपालपुर से चीनी मिल होते हुए माल्हनपार को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण रास्ता अब दुर्घटनाओं का सबब बन गया है। सड़क पर जगह-जगह गिट्टियां उखड़कर हवा में उड़ रही हैं, वहीं ग्राम सरम के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा दो फुट नीचे धंसकर दलदल में तब्दील हो चुका है। यदि समय रहते लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिम्मेदार अधिकारियों ने सुध नहीं ली, तो इस क्षेत्र का मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो सकता है।
ग्रेटर नोएडा का सपना और हकीकत की धूल
माल्हनपार से गोला तक आने वाली यह सड़क गोपालपुर तिराहे के पास रामजानकी मार्ग से मिलती है। इसी मार्ग पर ऐतिहासिक धुरियापार चीनी मिल स्थित है, जहाँ भविष्य में कल-कारखाने, विभिन्न उद्योग और एक औद्योगिक शहर बसाने की योजना है। इस भारी निवेश और औद्योगिक विकास के दावों के बीच धुरियापार चीनी मिल सड़क मार्ग की यह दयनीय स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ बुनियादी ढांचा दम तोड़ रहा है।

सरम के पास ‘खूनी दलदल’ बनी सड़क
प्राप्त विवरण के अनुसार, धुरियापार चीनी मिल से कुछ दूर पहले सरम गांव के पास सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहाँ भारी वाहनों के दबाव और सड़क के नीचे जमा पानी के कारण लगभग दो फुट का गहरा गड्ढा बन गया है जो अब दलदल का रूप ले चुका है।
- छात्रों के लिए खतरा: इस मार्ग से रोजाना दर्जनों स्कूली बसें और सैकड़ों छात्र गुजरते हैं। सड़क धंसने के कारण बसों के पलटने का खतरा हर वक्त बना रहता है।
- भारी वाहनों का दबाव: औद्योगिक गतिविधियों के कारण यहाँ ट्रक और डंपर लगातार चलते हैं, जिससे धंसा हुआ हिस्सा और गहरा होता जा रहा है।
मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति: एक माह में ही उखड़ी गिट्टियां
ग्रामीणों ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलते हुए बताया कि इस सड़क की मरम्मत मात्र एक माह पूर्व की गई थी। लेकिन घटिया निर्माण सामग्री या तकनीकी कमी के कारण मात्र 30 दिनों के भीतर ही सड़क जगह-जगह से टूट गई है। उखड़ी हुई गिट्टियां वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। धुरियापार चीनी मिल सड़क मार्ग पर उड़ती धूल और गिट्टियां यहाँ से गुजरने वाले हर व्यक्ति की परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
जल निकासी का अभाव: समस्या की असली जड़
सड़क बार-बार क्यों धंस रही है? इस सवाल पर स्थानीय ग्रामीणों राम लखन सिंह, कमलेश पांडेय और राम जतन ने तकनीकी कारण स्पष्ट करते हुए बताया:
“जहाँ सड़क धंसी है, वहाँ सड़क के दोनों ओर बरसात और नालियों का पानी जमा रहता है। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी सड़क के बेस (नींव) में रिसता रहता है, जिससे मिट्टी नरम हो जाती है और भारी वाहन गुजरते ही सड़क धंस जाती है। हर साल यहाँ मरम्मत की जाती है और हर साल यह दलदल बन जाता है। जब तक पानी निकालने का रास्ता नहीं बनेगा, तब तक करोड़ों की सड़क भी यहाँ नहीं टिकेगी।”
औद्योगिक कॉरिडोर के लिए बड़ी बाधा
धुरियापार में प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर के लिए सुगम यातायात पहली शर्त है। यदि धुरियापार चीनी मिल सड़क मार्ग जैसी मुख्य सड़कें ही दलदल बनी रहेंगी, तो उद्योगों की स्थापना और निवेश के दावों पर पानी फिरना तय है। भारी कल-कारखानों की मशीनरी लेकर आने वाले ट्रेलर और ट्रक इस धंसी हुई सड़क को पार करने में सक्षम नहीं होंगे, जिससे आर्थिक विकास की गति धीमी पड़ सकती है।
ग्रामीणों की मांग: केवल मरम्मत नहीं, समाधान चाहिए
क्षेत्र के नागरिकों ने मुख्यमंत्री पोर्टल और जिले के आला अधिकारियों से मांग की है कि:
- सरम गांव के पास धंसी हुई सड़क का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाए।
- सड़क के दोनों किनारों पर पक्की नाली का निर्माण कर जल निकासी सुनिश्चित की जाए।
- एक माह पूर्व हुई घटिया मरम्मत की जांच कर संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई हो।
- भारी वाहनों के लिए तब तक वैकल्पिक व्यवस्था हो जब तक सड़क पूरी तरह ठीक न हो जाए।













