बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 11 March 2026
जनपद के गोला तहसील क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रसोई गैस की किल्लत और वितरण में अनियमिताओं की मिल रही शिकायतों के बीच प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) गोला अमित कुमार जायसवाल ने अपने दल-बल के साथ गोला ब्लॉक के ग्राम सड़सड़ा स्थित ‘राम अधार मिश्रा इंडेन ग्रामीण वितरक केंद्र’ का औचक निरीक्षण किया। इस एसडीएम गोला गैस एजेंसी निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना और बिचौलियों द्वारा की जा रही संभावित कालाबाजारी पर अंकुश लगाना था। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और गैस एजेंसी संचालक को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण का मुख्य कारण: उपभोक्ताओं का बढ़ता आक्रोश
विगत कुछ दिनों से गोला क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने और सर्वर की समस्या के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ‘माँ सरयू इंडेन’ और ‘मिश्रा इंडेन’ जैसी प्रमुख एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही थीं। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से शिकायत की थी कि लाइन में लगने के बावजूद चहेतों को गैस दे दी जाती है, जबकि आम आदमी खाली हाथ लौट जाता है। इसी जन-आक्रोश का संज्ञान लेते हुए एसडीएम अमित कुमार जायसवाल ने स्वयं धरातल पर उतरने का निर्णय लिया।

एसडीएम के कड़े निर्देश: टोकन और रजिस्टर का खेल खत्म
सड़सड़ा स्थित गैस एजेंसी पर पहुँचते ही एसडीएम ने सबसे पहले स्टॉक रजिस्टर और वेटिंग लिस्ट की जांच की। उन्होंने पाया कि वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है, जिससे कालाबाजारी की संभावना बनी रहती है। एसडीएम गोला गैस एजेंसी निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थापक को निम्नलिखित सख्त निर्देश दिए:
- अनिवार्य टोकन प्रणाली: अब किसी भी उपभोक्ता को बिना टोकन के गैस नहीं दी जाएगी। जो भी व्यक्ति लाइन में लगेगा, उसे सबसे पहले एक क्रमांकित टोकन जारी किया जाएगा।
- घंटेवार रजिस्टर अपडेट: वितरण केंद्र को हर घंटे अपने स्टॉक और वितरण रजिस्टर को अपडेट करना होगा। इसमें दर्ज करना होगा कि पिछले एक घंटे में कितने सिलेंडरों का वितरण किया गया और कितने अवशेष हैं।
- कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस: यदि किसी बाहरी व्यक्ति या बिचौलिये को नियम विरुद्ध गैस देते हुए पाया गया, तो संबंधित एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की जाएगी।

पारदर्शिता के लिए प्रशासन की नई रणनीति
एसडीएम अमित कुमार जायसवाल ने स्पष्ट किया कि गैस एक आवश्यक वस्तु है और इसकी कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों के खिलाफ ‘गैंगस्टर एक्ट’ तक की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा:
“जनता को गैस के लिए घंटों धूप में खड़े रहना पड़ रहा है, यह स्वीकार्य नहीं है। टोकन व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं को अपनी बारी का पता रहेगा और विवाद की स्थिति कम होगी। हमारा उद्देश्य है कि जो पहले आए, उसे पहले गैस मिले (First Come, First Served)।”
निरीक्षण के दौरान एसडीएम के स्टेनो अनूप कुमार सिंह सहित राजस्व विभाग की पूरी टीम और स्थानीय पुलिस बल उपस्थित रहा। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं से भी बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि आपूर्ति व्यवस्था को जल्द ही सामान्य कर दिया जाएगा।
सड़सड़ा और आसपास के गांवों में राहत की उम्मीद
राम अधार मिश्रा इंडेन ग्रामीण वितरक केंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों के उपभोक्ताओं ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। सड़सड़ा, बेलघाट और गोला ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में गैस की होम डिलीवरी न होने के कारण लोग सीधे एजेंसी पर आते हैं। एसडीएम गोला गैस एजेंसी निरीक्षण के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि टोकन व्यवस्था लागू होने से अफरा-तफरी का माहौल खत्म होगा और असली उपभोक्ताओं को समय पर ईंधन मिल सकेगा।
सर्वर और आपूर्ति की समस्या पर भी चर्चा
निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी संचालक ने सर्वर की धीमी गति और ऊपर से ही कम आपूर्ति मिलने की बात भी एसडीएम के सामने रखी। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और संबंधित तेल कंपनी के अधिकारियों से वार्ता करेंगे ताकि तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सके और गोला क्षेत्र के लिए गैस का कोटा बढ़ाया जा सके।












