गोलाबाजार, गोरखपुर: 6 मार्च 2026
शिक्षा का उद्देश्य केवल रटना नहीं, बल्कि दुनिया को समझना और नई खोजों के प्रति जिज्ञासा पैदा करना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत शुक्रवार को गोला ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को ‘एक्सपोज़र विज़िट’ यानी शैक्षिक भ्रमण के लिए गोरखपुर रवाना किया गया। गोला के बीएसएवी इंटर कॉलेज के प्रांगण में जब बच्चों से भरी बसें खड़ी थीं, तो वहां का नजारा किसी मेले जैसा था। बच्चों की आँखों में नए शहरों और विज्ञान की दुनिया को देखने की चमक साफ दिखाई दे रही थी।

हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना
प्राप्त विवरण के अनुसार, बीएसएवी इंटर कॉलेज के सामने स्थित खेलकूद प्रांगण में एक औपचारिक समारोह आयोजित किया गया। यहाँ खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) उदय शंकर राय तथा पूर्व एआरपी विपिन कुमार मिश्र के नेतृत्व में छात्रों के जत्थे को रवाना किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण दुबे एवं ब्लॉक अध्यक्ष काशीनाथ तिवारी ने संयुक्त रूप से बसों को हरी झंडी दिखाकर विदा किया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के भ्रमण बच्चों के मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कक्षा की चारदीवारी में जो चीजें बच्चे तस्वीरों में देखते हैं, उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखने पर उनका ज्ञान और भी स्थाई हो जाता है।
भ्रमण का रूट: विज्ञान से लेकर इतिहास तक का संगम
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत इस विज़िट का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। भ्रमण के दौरान छात्र गोरखपुर शहर के निम्नलिखित प्रमुख स्थलों को देखेंगे:
- वीर बहादुर सिंह तारामंडल: यहाँ छात्र ब्रह्मांड के रहस्यों, ग्रहों और तारों के बारे में 3D शो के माध्यम से जानकारी प्राप्त करेंगे।
- शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर): छात्र वन्यजीवों के संरक्षण और विभिन्न प्रजातियों के बारे में प्रत्यक्ष ज्ञान लेंगे।
- रेल म्यूजियम: भारतीय रेलवे के गौरवशाली इतिहास और तकनीकी विकास को समझने का मौका मिलेगा।
- बौद्ध संग्रहालय और गोरखनाथ मंदिर: छात्र क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू होंगे।
- रामगढ़ताल और नौकायन स्थल: बच्चों को जल संरक्षण और पर्यटन विकास की आधुनिक अवधारणाओं को समझाया जाएगा।
सुरक्षा और सुविधा का पुख्ता इंतजाम
सैकड़ों बच्चों के सुरक्षित और सुव्यवस्थित भ्रमण को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की एक विशेष टीम तैनात की गई है। इस पूरी यात्रा की जिम्मेदारी संतोष कुमार, सरयूशरण, रामनयन शुक्ल, मृत्युंजय राम, पप्पू, आकांक्षा, रचना मिश्रा, प्रदीप मिश्र, राजन यादव और रामलाल यादव को सौंपी गई है। ये शिक्षक न केवल बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखेंगे, बल्कि प्रत्येक स्थल पर उन्हें वहां के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी भी देंगे।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान: क्या है उद्देश्य?
केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य लक्ष्य 6 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के भीतर विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि पैदा करना है। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अक्सर आधुनिक प्रयोगशालाओं और संग्रहालयों को देखने का मौका नहीं मिलता। यह ‘एक्सपोज़र विज़िट’ उसी कमी को पूरा करने का एक जरिया है। इससे बच्चों में रटने की प्रवृत्ति कम होती है और ‘देखकर सीखने’ (Observation-based learning) की क्षमता बढ़ती है।
अभिभावकों और शिक्षकों में खुशी की लहर
जब बसें रवाना हो रही थीं, तो बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी उत्साहित नजर आए। अभिभावकों का कहना है कि सरकार की इस पहल से हमारे बच्चे भी शहर की बड़ी संस्थाओं को देख पा रहे हैं, जो उनके लिए एक सपने जैसा है। इस अवसर पर उपेंद्र मिश्र, जैनेंद्र दुबे, कुमैल असरफ और हितेश यादव सहित कई अन्य शिक्षाविद और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

शाम को सभी छात्र अपना भ्रमण पूरा कर वापस गोला लौट आएंगे। शिक्षकों का मानना है कि वापस लौटते समय इन बच्चों के पास केवल यादें ही नहीं, बल्कि विज्ञान और इतिहास से जुड़ी ढेर सारी जानकारियाँ भी होंगी, जिसे वे स्कूल में अन्य बच्चों के साथ साझा करेंगे।
निष्कर्ष
गोला ब्लॉक से राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत रवाना हुआ यह दल इस बात का प्रतीक है कि हमारे परिषदीय विद्यालयों के छात्र अब प्रगति की राह पर हैं। यह एक्सपोज़र विज़िट न केवल उनकी शैक्षिक नींव को मजबूत करेगी, बल्कि उनमें आत्मविश्वास का संचार भी करेगी। गोरखपुर के इन महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण उनके व्यक्तित्व निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा।












