बेलघाट, गोरखपुर: 6 मार्च 2026
खाकी केवल एक वर्दी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक है। जब एक पुलिसकर्मी अनुशासित होता है, तभी वह समाज को सुरक्षा का वास्तविक अहसास करा सकता है। इसी भावना को सुदृढ़ करने के लिए जनपद के उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार, शुक्रवार को बेलघाट थाना परिसर में पुलिस बल की एक विशेष अनुशासनात्मक परेड का आयोजन किया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही थाना परिसर बूटों की आवाज और “सावधान-विश्राम” के ओजस्वी नारों से गूंज उठा। इस परेड का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की शारीरिक सुदृढ़ता को बनाए रखना और उनके भीतर विभागीय अनुशासन के प्रति सजगता पैदा करना था।
थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में कदमताल
परेड का नेतृत्व स्वयं थाना अध्यक्ष विकास नाथ ने किया। उनके कुशल मार्गदर्शन में थाने में तैनात उपनिरीक्षक, कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल, दीवान और मुंशी सहित समस्त कर्मचारियों ने भाग लिया। वर्दी की सुसज्जता और कदमताल की एकजुटता यह दर्शा रही थी कि बेलघाट थाना की टीम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

थाना अध्यक्ष ने बारीकी से प्रत्येक पुलिसकर्मी की वर्दी, टर्न-आउट और शस्त्रों के रखरखाव का निरीक्षण किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक पुलिसकर्मी की बाहरी दिखावट उसकी आंतरिक अनुशासन की परिचायक होती है। यदि पुलिसकर्मी स्वयं अनुशासित रहेगा, तभी वह समाज में नियम-कानून का पालन करवा सकेगा।
शारीरिक सुदृढ़ता और मानसिक सजगता
परेड के दौरान पुलिसकर्मियों को शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अक्सर पुलिस की ड्यूटी तनावपूर्ण और लंबी होती है, ऐसे में नियमित परेड और व्यायाम उन्हें ऊर्जावान बनाए रखते हैं। बेलघाट थाना के प्रभारी ने कहा कि एक स्वस्थ और फुर्तीला पुलिसकर्मी ही अपराधियों का पीछा करने और संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम होता है। परेड के माध्यम से पुलिसकर्मियों के बीच टीम वर्क और आपसी समन्वय की भावना को भी बल मिला।
संवेदनशील पुलिसिंग: जनता का भरोसा जीतना प्राथमिकता
परेड के समापन के बाद थाना अध्यक्ष विकास नाथ ने सभी पुलिसकर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- पारदर्शिता: प्रत्येक कार्यप्रणाली में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखें।
- व्यवहार: थाने आने वाले पीड़ितों के साथ मृदु और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करें ताकि पुलिस की छवि और बेहतर हो सके।
- समयपालन: ड्यूटी पर समय की पाबंदी और तत्परता विभागीय मर्यादा का हिस्सा है।
अपराध नियंत्रण और त्योहारों की सुरक्षा पर चर्चा
हाल ही में संपन्न हुए होली के त्यौहार और आगामी क्षेत्रीय आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। बेलघाट थाना प्रभारी ने निर्देश दिया कि क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाए। संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ किसी भी सूचना पर तत्काल ‘रिस्पॉन्स टाइम’ को कम करने की बात कही गई। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वच्छता और विभागीय गरिमा
परेड के साथ-साथ थाना परिसर की साफ-सफाई पर भी चर्चा हुई। थाना अध्यक्ष ने कहा कि कार्यालय और परिसर की स्वच्छता कार्यक्षमता को बढ़ाती है। पुलिसकर्मियों ने भी अपनी वर्दी को सुसज्जित रखने और विभाग की गरिमा को किसी भी सूरत में ठेस न पहुँचने देने की प्रतिबद्धता दोहराई।












