बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 27 फरवरी 2026
जनपद गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत जानीपुर चौकी परिसर में शुक्रवार को शांति और सामाजिक समरसता की एक नई इबारत लिखी गई। आसन्न त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने और क्षेत्र में भाईचारे का वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधिकारियों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने एक मंच पर आकर यह संकल्प लिया कि गोला की गौरवशाली गंगा-जमुनी तहजीब पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चर्चा
इस महत्वपूर्ण पीस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता गोला थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम का संयोजन जानीपुर चौकी प्रभारी विवेक सिंह द्वारा किया गया। बैठक की शुरुआत में चौकी प्रभारी ने क्षेत्र के भौगोलिक और संवेदशील बिंदुओं की जानकारी साझा की। इसके उपरांत, आगामी होली और रमजान जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान सुरक्षा मानकों और परंपराओं के निर्वहन पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
थाना प्रभारी का कड़ा संदेश: अफवाहों पर न दें ध्यान
बैठक को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षेत्र की शांति व्यवस्था पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पीस कमेटी की बैठक में उपस्थित लोगों को आगाह करते हुए कहा, “आज के डिजिटल युग में अफवाहें आग की तरह फैलती हैं। किसी भी भ्रामक सूचना या बिना पुष्टि वाली पोस्ट पर ध्यान न दें। यदि कोई असामाजिक तत्व त्योहारों की आड़ में माहौल बिगाड़ने या सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ पुलिस बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस बल चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर है। शांति व्यवस्था बनाए रखने में जनभागीदारी अनिवार्य है। पीस कमेटी की बैठक का मूल मंत्र ही यही है कि जनता और पुलिस के बीच संवाद की कोई खाई न रहे।
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
चौकी प्रभारी विवेक सिंह ने तकनीकी पहलुओं पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया वर्तमान में कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने पीस कमेटी की बैठक में शामिल युवाओं और डिजिटल वालंटियर्स से अपील की कि वे किसी भी भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट को न तो लाइक करें और न ही साझा करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गांव के व्हाट्सएप ग्रुपों में एडमिन की यह जिम्मेदारी होगी कि वे किसी भी विवादित कंटेंट को रोकें।
जनता ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा
पीस कमेटी की बैठक के दौरान क्षेत्र के धर्मगुरुओं, ग्राम प्रधानों, पूर्व जन प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे। उपस्थित नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि वे प्रशासन के हर निर्देश का पालन करेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने-अपने गांवों में शांति समितियों को सक्रिय करेंगे ताकि किसी भी छोटी-मोटी नोकझोंक को मौके पर ही आपसी बातचीत से सुलझाया जा सके।

शांति और विकास: एक सिक्के के दो पहलू
बैठक के समापन सत्र में यह निष्कर्ष निकला कि किसी भी क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब वहां शांति का माहौल हो। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि पीस कमेटी की बैठक का आयोजन केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की तरक्की की नींव है। आपसी विवादों के कारण होने वाली मुकदमेबाजी न केवल परिवारों को बर्बाद करती है, बल्कि समाज की ऊर्जा को भी नकारात्मक दिशा में ले जाती है।
सुरक्षा के लिए प्रशासन के आगामी कदम
बैठक के बाद पुलिस ने त्योहारों के लिए अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया है:
- पैदल गश्त: भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील चौराहों पर पुलिस की नियमित फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
- ड्रोन निगरानी: बड़े जुलूसों और आयोजनों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से नजर रखी जाएगी।
- पिकेट ड्यूटी: मंदिरों और मस्जिदों के पास पुलिस पिकेट की तैनाती की जाएगी।
- त्वरित प्रतिक्रिया: किसी भी सूचना पर पुलिस की 112 पीआरवी तत्काल मौके पर पहुँचेगी।
निष्कर्ष
जानीपुर चौकी पर संपन्न हुई यह पीस कमेटी की बैठक पुलिस और जनता के बीच बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। जब समाज के जिम्मेदार नागरिक और सुरक्षा एजेंसियां एक साथ खड़ी होती हैं, तो अराजक तत्वों के हौसले अपने आप पस्त हो जाते हैं। आगामी त्योहारों को लेकर गोला पुलिस की यह मुस्तैदी निश्चित रूप से क्षेत्र में हर्षोल्लास और अमन-चैन का वातावरण बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी।












