बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 27 फरवरी 2026
आस्था, उल्लास और अटूट श्रद्धा का अनूठा संगम आज गोलाबाजार की सड़कों पर देखने को मिला। श्याम भक्त मण्डल गोला ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित पंचम श्री श्याम फाल्गुन महोत्सव के अंतर्गत रंगभरी एकादशी के पावन पर्व पर शुक्रवार को एक विशाल निशान ध्वज शोभायात्रा निकाली गई। “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” और “जय श्री श्याम” के गगनभेदी जयकारों के साथ पूरा नगर भक्ति के सागर में सराबोर नजर आया। हाथों में केसरिया और पंचरंगी निशान थामे भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
लोहा मंडी से शुरू हुआ भक्ति का कारवां
शोभायात्रा का शुभारंभ दोपहर ठीक 03 बजे ऐतिहासिक श्री राम जानकी मंदिर, लोहा मंडी से हुआ। मंदिर के पुजारियों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा बाबा श्याम के अलौकिक स्वरूप की आरती उतारी गई, जिसके बाद यात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई।
शोभायात्रा का मार्ग: यह भव्य शोभायात्रा लोहा मंडी से प्रारम्भ होकर बेवरी चौराहा, सराय मछलीहट्टा मार्ग से होते हुए गौशाला और चंद चौराहा पहुँची। यहाँ से भ्रमण करते हुए यात्रा पुनः मंदिर प्रांगण में आकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्त झूमते-नाचते नजर आए।
पुष्पवर्षा और भव्य स्वागत
नगर भ्रमण के दौरान बाबा श्याम के सुसज्जित रथ का नगरवासियों ने पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया। महिलाओं और पुरुषों ने अपने घरों की छतों और प्रतिष्ठानों के बाहर से रथ पर भारी पुष्पवर्षा की। कई स्थानों पर भक्तों के लिए जलपान और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी। श्रद्धा का आलम यह था कि लोग बाबा के रथ की एक झलक पाने और निशान को स्पर्श करने के लिए घंटों तक कतारों में खड़े रहे।
फाल्गुन मास और निशान यात्रा का आध्यात्मिक महत्व
आयोजकों ने बताया कि श्याम फाल्गुन महोत्सव के दौरान निशान यात्रा का विशेष महत्व है। फाल्गुन मास का खाटू श्याम जी से गहरा संबंध माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
- बर्बरीक का वरदान: महाभारत काल के महान योद्धा बर्बरीक ने जब अपना शीश दान किया, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि वे कलियुग में ‘श्याम’ नाम से पूजे जाएंगे।
- निशान का अर्थ: ‘निशान’ बाबा श्याम की विजय और भक्त के पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। मान्यता है कि फाल्गुन मास में निशान अर्पित करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और बाबा अपने भक्तों के कष्टों को हर लेते हैं।
- सामाजिक समरसता: यह आयोजन पिछले पांच वर्षों से निरंतर हो रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करना है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और जनसहयोग
इस भव्य आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में कोतवाली गोला की पुलिस टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। सुरक्षा की दृष्टि से जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात रहे और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखा गया। इस शोभायात्रा में श्री श्याम भक्त मण्डल गोला ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों, समाजसेवियों सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सम्मिलित रहे।
निष्कर्ष
गोलाबाजार में आयोजित यह श्याम फाल्गुन महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था का महापर्व बन गया है। रंगभरी एकादशी के दिन बाबा श्याम की इस अमृतमयी यात्रा ने नगर के वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आयोजकों ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा श्याम की कृपा से ही यह पंचम महोत्सव ऐतिहासिक रूप से सफल रहा है।












