गोलाबाजार, गोरखपुर: 26 फरवरी 2026
गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए दिन-दहाड़े टप्पेबाज़ी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। गोपालपुर कस्बे के आगे बीसरा पेट्रोल पंप के पास घात लगाकर बैठे शातिर बदमाशों ने एक महिला को अपना निशाना बनाया और महज चंद मिनटों में लाखों रुपये के सोने के आभूषण लेकर रफूचक्कर हो गए।
सड़क पर हुई इस लूट ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और राह चलती महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ससुराल जाने के दौरान हुई वारदात
प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़िता इंदु देवी, पुत्री फूलचंद, मूल रूप से गोला थाना क्षेत्र के झरकटा गांव की रहने वाली हैं। इंदु देवी का मायका झरकटा में है, जबकि उनकी ससुराल गगहा थाना क्षेत्र के सकरी गांव में स्थित है। वह चार दिन पहले अपने मायके आई थीं और गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे वापस अपने ससुराल जाने के लिए निकली थीं।
जैसे ही वह गोपालपुर कस्बे को पार कर बीसरा पेट्रोल पंप के निकट पहुँचीं, पहले से ही शिकार की तलाश में घूम रहे टप्पेबाजों ने उन्हें घेर लिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने किसी बहाने से महिला को रोका और झांसा देकर या झपट्टा मारकर उनके शरीर से कीमती आभूषण उतार लिए।
लाखों के आभूषणों पर फेरा हाथ
पीड़िता के अनुसार, टप्पेबाजों ने बहुत ही शातिराना ढंग से वारदात को अंजाम दिया। लुटेरों ने इंदु देवी के पास मौजूद निम्नलिखित गहने लूट लिए:
- सोने का मंगलसूत्र: जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख रुपये बताई जा रही है।
- कान की बाली: जिसकी बाजार में कीमत करीब 40 हजार रुपये है।
- नाक की कील: जिसकी कीमत लगभग 12 हजार रुपये है।
कुल मिलाकर करीब 1.52 लाख रुपये के गहनों पर टप्पेबाजों ने हाथ साफ कर दिया। वारदात के बाद जब तक महिला शोर मचाती या कुछ समझ पाती, बदमाश मोटरसाइकिल से तेजी से फरार हो गए।
पुलिस महकमे में हलचल, मौके पर पहुँचे अधिकारी
सड़क पर सरेराह लूट की सूचना मिलते ही कोतवाली गोला के प्रभारी निरीक्षक (SHO) और क्षेत्राधिकारी (CO) गोला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने पीड़िता से घटना की पूरी जानकारी ली और हुलिए के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू की।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई:
- सीसीटीवी फुटेज: बीसरा पेट्रोल पंप और गोपालपुर कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
- नाकेबंदी: घटना के तुरंत बाद क्षेत्र की सीमाओं पर नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की गई।
- दबिश: पुलिस की स्वात (SWAT) टीम और स्थानीय पुलिस अपराधियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सड़कों पर कब सुरक्षित होंगी महिलाएं?
इस टप्पेबाज़ी की घटना ने स्थानीय प्रशासन की गश्त प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। गोपालपुर और बीसरा जैसे व्यस्त इलाकों में दिन-दहाड़े ऐसी वारदात होना अपराधियों के निडर होने का प्रमाण है।
स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्गों पर पुलिस की पिकेट न होने के कारण टप्पेबाज सक्रिय हो रहे हैं।
सावधान: टप्पेबाजों के नए तरीके
पुलिस ने आम जनता, विशेषकर महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। टप्पेबाज अक्सर निम्नलिखित तरीकों का इस्तेमाल करते हैं:
- रास्ता पूछना: अनजान लोग अक्सर रास्ता पूछने के बहाने आपको रोकते हैं।
- गंदगी का बहाना: आपके कपड़ों पर गंदगी या थूक होने का झांसा देकर आपका ध्यान भटकाते हैं।
- पुलिस वाला बनना: कई बार ठग खुद को सादे लिबास में पुलिसकर्मी बताकर ‘आगे चेकिंग हो रही है, गहने उतारकर रुमाल में रख लो’ जैसे झांसे देते हैं।
निष्कर्ष

इंदु देवी के साथ हुई यह वारदात एक चेतावनी है कि राह चलते किसी भी अजनबी पर भरोसा करना घातक हो सकता है। गोला पुलिस के लिए यह मामला एक चुनौती बन गया है।
अब देखना यह है कि सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस इन शातिर टप्पेबाजों तक कब तक पहुँच पाती है। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि जल्द ही लुटेरे सलाखों के पीछे होंगे और महिला के गहने बरामद किए जाएंगे।













