गोरखपुर/नई दिल्ली: 25 फरवरी 2026
गोरखपुर के यशस्वी सांसद और लोकप्रिय अभिनेता रवि किशन शुक्ल के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। अपनी सक्रिय कार्यशैली और जनता के प्रति अटूट समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले रवि किशन को 18वीं लोकसभा की अवधि हेतु भारत–मलेशिया संसदीय मैत्री समूह (India–Malaysia Parliamentary Friendship Group) का सदस्य नामित किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा लिया गया यह निर्णय रवि किशन के दीर्घकालिक संसदीय अनुभव, सदन में उनकी सक्रिय सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में उनके विजन को प्रमाणित करता है।
संसदीय अनुभव और जनसेवा का प्रतिफल
रवि किशन शुक्ल का चयन केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं है, बल्कि यह उनके द्वारा पिछले वर्षों में संसद के भीतर और बाहर किए गए कार्यों का सम्मान है। अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और जनहित के मुद्दों को सदैव प्रखरता से उठाया है।
संसद सचिवालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, रवि किशन की दूरदृष्टि और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर उनकी पकड़ को देखते हुए उन्हें इस महत्वपूर्ण समूह का हिस्सा बनाया गया है। यह समूह भारत और मलेशिया के बीच विधायी प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने में सेतु का कार्य करेगा।
क्या है भारत–मलेशिया संसदीय मैत्री समूह?
संसदीय मैत्री समूह का गठन विभिन्न देशों की संसदों के बीच मधुर संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से किया जाता है। भारत और मलेशिया के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। इस समूह के सदस्य के रूप में रवि किशन शुक्ल की भूमिका निम्नलिखित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण होगी:
- संसदीय सहयोग: दोनों देशों के सांसद एक-दूसरे की लोकतांत्रिक प्रणालियों और कानून बनाने की प्रक्रियाओं को समझेंगे।
- व्यापारिक प्रोत्साहन: द्विपक्षीय व्यापार, विशेष रूप से निवेश और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान: मलेशिया में भारतीय संस्कृति और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत के बढ़ते प्रभाव को विस्तार देना।
माननीय अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति प्रकट किया आभार
इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी को मिलने पर सांसद रवि किशन शुक्ल ने प्रसन्नता व्यक्त की और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा, “माननीय अध्यक्ष जी ने मुझ पर जो विश्वास जताया है और उनके मार्गदर्शन में मुझे जो यह गौरव प्राप्त हुआ है, वह मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंच पर अपने देश और विशेषकर गोरखपुर की मिट्टी का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व का विषय है।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति आज नई ऊंचाइयों पर है और वे एक सांसद के रूप में भारत और मलेशिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे।
पूर्वांचल और गोरखपुर के लिए गौरव का क्षण
रवि किशन शुक्ल को इस अंतरराष्ट्रीय समूह का सदस्य बनाए जाने की खबर जैसे ही गोरखपुर पहुंची, क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने इसे संपूर्ण पूर्वांचल के लिए गर्व का विषय बताया है। यह पहली बार है जब क्षेत्र के किसी सांसद को इस तरह के विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय संसदीय समूह में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि रवि किशन के इस पद पर रहने से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी वैश्विक पहचान मिलेगी। उनके अंतरराष्ट्रीय दौरों और वार्ताओं से क्षेत्र में निवेश और पर्यटन की संभावनाओं को भी बल मिल सकता है।

सांस्कृतिक राजदूत के रूप में रवि किशन
रवि किशन न केवल एक राजनेता हैं, बल्कि वे कला और संस्कृति के भी बड़े संवाहक हैं। मलेशिया में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। ऐसे में एक लोकप्रिय कलाकार और सांसद के रूप में रवि किशन का वहां जाना ‘सॉफ्ट पावर’ कूटनीति का एक बड़ा हिस्सा होगा। वे भारतीय फिल्म जगत और संस्कृति के माध्यम से दोनों देशों के नागरिकों के बीच के भावनात्मक रिश्तों को और मजबूत करने की क्षमता रखते हैं।
18वीं लोकसभा में रवि किशन की सशक्त भूमिका
18वीं लोकसभा में रवि किशन एक अनुभवी सांसद के रूप में उभरे हैं। उन्होंने सदन में कई महत्वपूर्ण निजी विधेयक (Private Member Bills) पेश किए हैं और शून्यकाल के दौरान गोरखपुर की समस्याओं को निरंतर उठाया है। उनकी इस सक्रियता ने उन्हें न केवल जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है, बल्कि संसद के भीतर भी उनकी एक गंभीर छवि का निर्माण किया है।
संसदीय मैत्री समूह में उनकी सदस्यता से यह स्पष्ट है कि आगामी वर्षों में वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और भारत के वैश्विक संबंधों को सुधारने में सरकार के एक महत्वपूर्ण सिपाही के रूप में कार्य करेंगे।
निष्कर्ष
सांसद रवि किशन शुक्ल को संसदीय मैत्री समूह का सदस्य नामित किया जाना उनके राजनीतिक जीवन की एक बड़ी छलांग है। यह नियुक्ति दर्शाती है कि गोरखपुर अब केवल उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यहाँ के प्रतिनिधि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज बुलंद कर रहे हैं। भारत और मलेशिया के संबंधों में रवि किशन की भूमिका आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और संस्कृति के नए आयाम स्थापित होंगे।












