लखनऊ/गोरखपुर: 11 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज विधानसभा में राज्य का अब तक का सबसे विशाल बजट पेश किया। इस बजट की गूँज पूरे प्रदेश में है, लेकिन पूर्वांचल और विशेष रूप से गोरखपुर के लिए इसमें जो पिटारा खोला गया है, उसने क्षेत्र की जनता और व्यापारियों में उत्साह का संचार कर दिया है। सांसद रवि किशन ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के सपने को धरातल पर उतारने वाला है।

औद्योगिक विकास: खजनी के कंबल उद्योग का होगा कायाकल्प
गोरखपुर के खजनी क्षेत्र का कंबल उद्योग दशकों से अपनी पहचान बनाए हुए है, लेकिन आधुनिक मशीनों और संसाधनों के अभाव में यह पिछड़ रहा था। यूपी बजट 2026 में सरकार ने इस पारंपरिक उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये का विशेष फंड आवंटित किया है।
इस निवेश से कंबल कारखाने में ऑटोमैटिक वेल्डिंग, प्रिंटिंग और आधुनिक फिनिशिंग मशीनें लगाई जाएंगी। इससे यहाँ बनने वाले कंबल न केवल गर्म और टिकाऊ होंगे, बल्कि दिखने में भी अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों को टक्कर देंगे। सांसद रवि किशन ने कहा, “यह कदम हमारे स्थानीय बुनकरों और कामगारों के जीवन में समृद्धि लाएगा। अब गोरखपुर के कंबल पूरे देश के बाजारों की शोभा बढ़ाएंगे।”
कनेक्टिविटी: गोरखपुर-सहारनपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर
बजट में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को लेकर सबसे क्रांतिकारी घोषणा गोरखपुर-सहारनपुर नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर है। इसके लिए सरकार ने 34,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजट प्रस्तावित किया है। यह कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे गोरखपुर से जोड़ेगा।
इस कॉरिडोर के निर्माण से:
- गोरखपुर से दिल्ली और हरियाणा की दूरी समय के लिहाज से आधी रह जाएगी।
- माल ढुलाई (Logistics) की लागत कम होगी, जिससे गोरखपुर के उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा।
- क्षेत्र में नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होंगे, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

युवाओं और शिक्षा पर ‘मेगा’ फोकस
यूपी बजट 2026 में युवाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना को नया विस्तार दिया है। इसके तहत गोरखपुर के युवा उद्यमियों को अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
सांसद रवि किशन ने बताया कि गोरखपुर के शिक्षण संस्थानों के सुदृढ़ीकरण और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं। टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण योजना को इस वर्ष भी जारी रखा गया है, ताकि डिजिटल शिक्षा की पहुँच हर छात्र तक हो सके। कौशल विकास मिशन के तहत गोरखपुर में नए केंद्रों की स्थापना होगी, जो युवाओं को सीधे उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करेंगे।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
गोरखपुर मंडल के गन्ना किसानों और बटाईदारों के लिए बजट में कई लाभकारी घोषणाएं हैं। गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि और सिंचाई के लिए निशुल्क बिजली की निरंतरता ने किसानों को बड़ी राहत दी है। ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी को अतिरिक्त फंड दिया गया है, जिससे पढ़ौतिया और रसूलपुर माफी जैसे दूरस्थ गांवों की मुख्य सड़कों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
रेल और शहरी परिवहन का आधुनिकीकरण
गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और मेट्रो लाइट प्रोजेक्ट की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बजट में वित्तीय सहायता सुनिश्चित की गई है। सांसद रवि किशन ने हाल ही में लोकसभा में वंदे भारत स्लीपर की मांग उठाई थी, जिसे बजट में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिए गए भारी फंड से बल मिला है। शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सीसीटीवी कैमरों के जाल को और विस्तार देने की योजना है।
सांसद रवि किशन का बयान: “यह बजट विकास का महाकुंभ है”
सांसद रवि किशन शुक्ल ने बजट पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में यूपी का बजट हर वर्ग के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला है। गोरखपुर को केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक ‘इकोनॉमिक हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। खजनी के उद्योगों से लेकर सड़कों के जाल तक, हर घोषणा में दूरदर्शिता झलकती है। यह बजट विपक्ष के नकारात्मक प्रचार पर विकास की करारी चोट है।”
सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य
स्वास्थ्य के क्षेत्र में गोरखपुर एम्स (AIIMS) और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष अनुदान दिया गया है। आयुष्मान भारत योजना के दायरे को बढ़ाते हुए मध्यम वर्ग के लिए नई स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के संकेत भी बजट में मिले हैं। महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए ‘मिशन शक्ति’ के अगले चरण हेतु बजट में पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है।

निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश का यह बजट गोरखपुर के लिए औद्योगिक मजबूती, आधुनिक कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन और सामाजिक न्याय का एक नया अध्याय है। खजनी के कंबल उद्योग का पुनरुद्धार और हाई-स्पीड कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार की प्राथमिकता में गोरखपुर शीर्ष पर है। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले 2-3 वर्षों में गोरखपुर न केवल पूर्वांचल का, बल्कि उत्तर भारत का सबसे प्रमुख व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र बनकर उभरेगा।
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