पिपराइच, गोरखपुर: 09 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ द्वारा कार्यभार ग्रहण करते ही अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत पिपराइच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने दहेज हत्या जैसे जघन्य मामले में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
एसएसपी के निर्देश पर सक्रिय हुई टीम
जिले में महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र के मार्गदर्शन और सीओ चौरी चौरा मनीष कुमार शर्मा की देखरेख में पिपराइच पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की। पुलिस ने बरसैनी टोला उजरीपट्टी के रहने वाले रामराज और उसकी पत्नी किसमती को दहेज हत्या के आरोप में उनके घर के पास से गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पिपराइच थाना क्षेत्र के बरसैनी टोला उजरीपट्टी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही उसे अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों की तहरीर पर पिपराइच थाने में पति, सास और ससुर के विरुद्ध दहेज हत्या की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
थानाध्यक्ष पिपराइच अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में मृतका का पति (आरोपियों का बेटा) पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। तभी से उसके माता-पिता, रामराज पुत्र स्वर्गीय नायक और किसमती, फरार चल रहे थे। सोमवार को उपनिरीक्षक सचिन पाण्डेय ने अपनी टीम के साथ घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।

न्यायालय में पेशी के बाद जेल रवानगी
पिपराइच पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें स्थानीय न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय के आदेश पर दोनों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को संकलित कर लिया है और विवेचना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी
थानाध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि दहेज हत्या एक सामाजिक कलंक है और कानून की नजर में अक्षम्य अपराध है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन महिलाओं के प्रति संवेदनशील है और उनके खिलाफ अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी के निर्देशानुसार, ऐसे मामलों में त्वरित विवेचना और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि पीड़ितों को समय से न्याय मिल सके।
सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता
इस घटना के बाद क्षेत्र में दहेज हत्या और महिला सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। समाज शास्त्रियों का मानना है कि केवल पुलिसिया कार्रवाई से ऐसे अपराधों को नहीं रोका जा सकता, इसके लिए समाज को भी अपनी सोच बदलनी होगी। हालांकि, पुलिस द्वारा की जा रही ऐसी त्वरित गिरफ्तारियों से अपराधियों के मन में कानून का खौफ जरूर पैदा होता है।
पुलिस टीम की सराहना
सफलतापूर्वक गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक सचिन पाण्डेय और अन्य आरक्षी शामिल रहे। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने पुलिस टीम के इस कार्य की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में महिला संबंधी अपराधों में कमी आएगी।
निष्कर्ष
गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में हुई यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि जिले की नई कप्तानी महिला सुरक्षा के प्रति कितनी गंभीर है। दहेज हत्या के आरोपियों का सलाखों के पीछे जाना पीड़ित परिवार के लिए न्याय की पहली सीढ़ी है। प्रशासन के इन सख्त कदमों से आने वाले समय में जिले की कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होने की संभावना है।
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