बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 08 फरवरी 2026
आज के डिजिटल युग में जहाँ इंटरनेट सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम बना रहा है, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इसका उपयोग सोशल मीडिया अपराध के रूप में मासूम लोगों को प्रताड़ित करने के लिए कर रहे हैं। गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक सिरफिरे युवक ने न केवल एक युवती की मर्यादा को ठेस पहुँचाई, बल्कि उसके पूरे परिवार को मौत के घाट उतारने की धमकी भी दी। इस घटना ने साइबर सुरक्षा और महिलाओं के प्रति बढ़ते ऑनलाइन अपराधों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

फोटो का दुरुपयोग और अश्लील वीडियो का जाल
मामला गोला नगर पंचायत क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार द्वारा गोला थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपी युवक रोहित साहनी ने युवती की एक फोटो का गलत तरीके से इस्तेमाल किया। उसने तकनीक का सहारा लेकर फोटो के साथ छेड़छाड़ की और एक अश्लील वीडियो तैयार कर लिया। अपराधी का दुस्साहस यहीं नहीं रुका; उसने इस आपत्तिजनक वीडियो को फेसबुक और यूट्यूब जैसे बड़े इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मों पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित कर दिया। यह सोशल मीडिया अपराध सीधे तौर पर युवती की गरिमा और निजता पर प्रहार था।
शादी तोड़ने की साजिश और खूनी धमकी
तहरीर में लगाए गए आरोप और भी चौंकाने वाले हैं। युवती की शादी तय हो चुकी है और घर में मंगल गीतों के बीच विवाह की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान आरोपी ने अपनी नफरत और सनक का परिचय देते हुए धमकी दी कि यदि युवती का विवाह कहीं और किया गया, तो वह न केवल युवती को, बल्कि उसके होने वाले पति और परिवार के अन्य सदस्यों को भी जान से मार देगा। इस खूनी धमकी और अभद्र टिप्पणियों के कारण खुशियों वाले घर में मातम और डर का माहौल व्याप्त हो गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल: दो माह बाद दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में पुलिस की तत्परता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार ने काफी समय पहले इसकी शिकायत की थी। शुरुआती दौर में पुलिस ने आरोपी रोहित साहनी को थाने बुलाकर केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया था। लेकिन पुलिस की यह ‘नरमी’ अपराधी के लिए प्रोत्साहन बन गई और उसने अपनी गतिविधियों को और तेज कर दिया। अंततः, जब परिवार ने दोबारा दबाव बनाया और प्रार्थना पत्र दिया, तो घटना के करीब दो माह बाद पुलिस ने सोशल मीडिया अपराध की गंभीरता को समझते हुए मुकदमा पंजीकृत किया।
आईटी एक्ट की धाराओं में कार्रवाई
गोला थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी रोहित साहनी के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66 एवं 67 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। ये धाराएं इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री के प्रकाशन और संचार से जुड़ी हैं। पुलिस अब उन सभी डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र कर रही है, जिनके जरिए वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था।
मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव में परिवार
इस तरह के सोशल मीडिया अपराध केवल कानूनी समस्या नहीं हैं, बल्कि ये पीड़ित के लिए गहरे मानसिक आघात का कारण बनते हैं। युवती और उसका परिवार वर्तमान में भारी मानसिक तनाव और सामाजिक लोक-लाज के दबाव में है। जानकारों का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में देरी से की गई पुलिसिया कार्रवाई अपराधियों के मनोबल को बढ़ाती है, इसलिए ऐसे मामलों में ‘त्वरित न्याय’ (Quick Justice) की आवश्यकता होती है।
साइबर एक्सपर्ट्स की राय: कैसे बचें?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर अपनी फोटो और व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। यदि आपके साथ ऐसा कोई सोशल मीडिया अपराध होता है, तो:
- तुरंत संबंधित प्लेटफार्म पर रिपोर्ट (Report) करें।
- अपमानजनक कमेंट्स और वीडियो के स्क्रीनशॉट (Screenshot) साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखें।
- बिना डरे स्थानीय पुलिस या साइबर सेल (Cyber Cell) को सूचित करें।
निष्कर्ष
गोला में हुई यह घटना एक चेतावनी है कि डिजिटल स्पेस अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहा। सोशल मीडिया अपराध के खिलाफ सख्त कानून होने के बावजूद, प्रभावी कार्यान्वयन और जागरूकता की कमी है। गोला पुलिस को अब इस मामले में त्वरित गिरफ्तारी कर एक नजीर पेश करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और ‘रोहित साहनी’ किसी मासूम की जिंदगी और खुशियों के साथ खेलने की जुर्रत न कर सके।
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