गोलाबाजार, गोरखपुर: 07 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश शासन की मंशानुसार जनसमस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए शनिवार को गोला तहसील मुख्यालय पर संपूर्ण समाधान दिवस का सफल आयोजन किया गया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अमित कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में तहसील क्षेत्र के दूर-दराज के गांवों से आए सैकड़ों फरियादियों ने अपनी पीड़ा साझा की। इस दौरान सरकारी तंत्र की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुल दर्ज 94 शिकायतों में से 7 का मौके पर ही गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर दिया गया।

समस्याओं की भरमार: जमीन और बिजली के मुद्दों का दबदबा
इस संपूर्ण समाधान दिवस में बिजली विभाग, राजस्व विभाग (जमीन), आवास, अतिक्रमण और पारिवारिक विवादों से जुड़ी शिकायतों की सबसे अधिक भरमार रही। उपजिलाधिकारी ने एक-एक फरियादी की बात को धैर्यपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर जांच करने के आदेश दिए।
प्रमुख मामले: जिन पर रही सबकी नजर
तहसील परिसर में शिकायतों का अंबार लगा रहा, जिनमें कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार रहे:
- भूमि विवाद और कब्जा: अकोल्हा निवासी बृजनाथ ने अपनी भूमिधरी जमीन पर गांव के ही कुछ दबंगों द्वारा अवैध कब्जे का आरोप लगाया। वहीं, कतुलही निवासी मालती देवी ने अपनी बैनामा शुदा जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई।
- बिजली बिल में गड़बड़ी: सरया निवासी अशोक कुमार ने बिजली विभाग की लापरवाही और बिल में आई भारी अनियमितता को लेकर आवाज उठाई।
- अवैध अतिक्रमण और हाईकोर्ट के आदेश: मेहदराव निवासी दिवाकर दूबे ने एक गंभीर मामला उठाया। उन्होंने बताया कि भीटा की जमीन पर अवैध कब्जा है और हाईकोर्ट द्वारा बेदखली का आदेश होने के बावजूद अब तक प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की है।
- पारिवारिक और सामाजिक विवाद: बरहजपार माफी निवासी आशा, जो विधवा हैं, ने अपने ससुर पर आरोप लगाया कि उन्होंने सारी संपत्ति छोटी बहू के नाम कर दी है, जिससे उनके और उनके मानसिक रोगी पुत्र के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
एसडीएम अमित कुमार जायसवाल का कड़ा रुख
सभी मामलों की समीक्षा करते हुए उपजिलाधिकारी ने अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि शेष 87 शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व टीम को मौके पर भेजने के आदेश
परनई उर्फ अर्जुनपुरा निवासी रामकिशुन की शिकायत पर, जहाँ शौचालय निर्माण में बाधा डाली जा रही थी, एसडीएम ने लेखपाल और सभासद की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस बल के साथ निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। वहीं, वार्ड संख्या 7 की सरोज देवी के मामले में, जहाँ विक्रेता कब्जा नहीं दे रहा था, तहसीलदार को विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
अधिकारियों की रही भारी मौजूदगी
इस संपूर्ण समाधान दिवस को प्रभावी बनाने के लिए तहसील प्रशासन का पूरा अमला मुस्तैद रहा। एसडीएम के साथ तहसीलदार गोला सत्येंद्र मौर्य, नायब तहसीलदार जय प्रकाश व बी.सी. चौहान सहित विकासखंड, पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को हिदायत दी गई कि शिकायतों की केवल फाइलिंग न की जाए, बल्कि स्थलीय निरीक्षण कर फरियादी की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए।
निष्कर्ष
गोला तहसील में आयोजित यह संपूर्ण समाधान दिवस इस बात का प्रमाण है कि जनता को आज भी सरकारी न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। हालांकि, 94 में से केवल 7 मामलों का निस्तारण यह भी दर्शाता है कि कई मामले जटिल हैं और उनके लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता है। एसडीएम अमित कुमार जायसवाल के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की यह सक्रियता यदि निरंतर बनी रही, तो निश्चित रूप से गोला क्षेत्र में भू-माफियाओं और लापरवाह कर्मचारियों पर लगाम कसी जा सकेगी।
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