गोरखपुर: 07 फरवरी 2026
पूर्वांचल के केंद्र गोरखपुर से एक ऐसी खबर आई है जो उन हजारों युवाओं और कामगारों के चेहरों पर मुस्कान ले आएगी जो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का सपना देखते हैं। गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद रविन्द्र शुक्ल उर्फ रवि किशन ने केंद्र सरकार की पासपोर्ट नीतियों की सराहना करते हुए कहा है कि अब हमारे क्षेत्र के नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली या लखनऊ जैसे महानगरों की भागदौड़ करने की कोई जरूरत नहीं है। गोरखपुर पासपोर्ट सेवा अब इतनी सशक्त और पारदर्शी हो चुकी है कि आवेदन से लेकर प्रसंस्करण (Processing) तक का काम बिजली की गति से हो रहा है।

जीरो पेंडेंसी: आवेदन के दिन ही पूरा होता है काम
लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा दिए गए लिखित उत्तर का हवाला देते हुए सांसद रवि किशन ने बताया कि गोरखपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र वर्तमान में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है। सबसे गर्व की बात यह है कि यहाँ वर्तमान में एक भी आवेदन लंबित (Pending) नहीं है।
सांसद ने विस्तार से बताया कि गोरखपुर स्थित आधुनिक केंद्र में प्रतिदिन 1,155 अपॉइंटमेंट जारी किए जा रहे हैं। इसका वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:
- सामान्य श्रेणी: 940 अपॉइंटमेंट
- तत्काल श्रेणी: 80 अपॉइंटमेंट
- पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC): 135 अपॉइंटमेंट
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि गोरखपुर पासपोर्ट सेवा न केवल शहर बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी एक मजबूत स्तंभ बन गई है।
गांव-गांव तक पहुँची पासपोर्ट की सुविधा

रवि किशन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अब पासपोर्ट की सुविधा केवल गोरखपुर तक सीमित नहीं है। पूर्वांचल के अन्य जिलों जैसे देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर, मऊ, आजमगढ़ और अंबेडकर नगर में भी पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।
सरकार की “Apply Anywhere in India” योजना ने इस प्रक्रिया को और भी लचीला बना दिया है। अब पूर्वांचल का कोई भी व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार देश के किसी भी केंद्र से आवेदन कर सकता है। साथ ही, मोबाइल पासपोर्ट वैन उन दूरदराज के इलाकों में पहुँच रही है जहाँ पहुँच पाना पहले कठिन था।
शिकायत निवारण में बनाया रिकॉर्ड
सांसद ने ‘MADAD’ पोर्टल और CPGRAMS जैसी प्रणालियों की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शिकायतों के समाधान के मामले में सरकार ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है।
- 2023 में: 94% समाधान
- 2024 में: 96% समाधान
- 2025 में: 104% समाधान (पिछले लंबित मामलों को मिलाकर)
यह डेटा साबित करता है कि गोरखपुर पासपोर्ट सेवा और विदेश मंत्रालय जनता की समस्याओं को लेकर कितना गंभीर है। हेल्पलाइन सेवाएं भी अब 24×7 उपलब्ध हैं, जिससे विदेशों में फंसे भारतीयों को भी तुरंत सहायता मिल रही है।
आधुनिक भवन में शिफ्ट होगा गोरखपुर केंद्र
सांसद रवि किशन ने पूर्वांचलवासियों को एक और बड़ी खुशखबरी देते हुए बताया कि विदेश मंत्रालय ने गोरखपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र को एक बड़े और अधिक आधुनिक भवन में स्थानांतरित करने की स्वीकृति दे दी है। भविष्य में पासपोर्ट की बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे आवेदकों को बैठने और अपनी बारी का इंतजार करने में और भी अधिक वैश्विक स्तर की सुविधाएं मिलेंगी।
युवाओं और कामगारों के लिए नए अवसर
सांसद ने कहा, “यह आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सुशासन’ का ही नतीजा है कि आज एक आम आदमी का पासपोर्ट बिना किसी दलाल या बिचौलिए के सीधे उसके घर पहुँच रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि गोरखपुर पासपोर्ट सेवा के मजबूत होने से पूर्वांचल के युवाओं के लिए वैश्विक शिक्षा और रोजगार के द्वार खुल गए हैं। अब कुशीनगर और गोरखपुर एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय यात्राएं और भी सुगम हो जाएंगी।
निष्कर्ष
गोरखपुर में पासपोर्ट सेवाओं का सुदृढ़ीकरण केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि क्षेत्र के सशक्तिकरण का प्रतीक है। गोरखपुर पासपोर्ट सेवा ने न केवल समय की बचत की है बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाई है। सांसद रवि किशन द्वारा उठाए गए इन मुद्दों और केंद्र सरकार के जवाब ने पूर्वांचल के विकास की एक नई कहानी लिख दी है।
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