बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: जनपद के दक्षिणांचल स्थित गोला थाना क्षेत्र के ग्राम चाड़ी में आपसी रंजिश और संपत्ति विवाद को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रास्ते में घेरकर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने एक ही परिवार के कई सदस्यों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि पीड़ित ने अपनी पूरी जायदाद हड़पने की नीयत से हमला करने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा विवाद? पीड़ित की आपबीती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम चाड़ी निवासी रामअवतार (पुत्र मोदी) ने गोला थाने में लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि बीते 25 जनवरी की सुबह करीब 10:30 बजे, जब वह अपने परिवार के साथ अपनी बीमार वृद्ध मां का हाल-चाल जानने जा रहा था, तभी गांव के ही कुछ दबंगों ने उनका रास्ता रोक लिया।
रामअवतार के अनुसार, रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उन्हें और उनके परिवार को घेर लिया। आरोपियों के हाथों में लाठी-डंडे थे और वे हिंसक मुद्रा में थे। पीड़ित का कहना है कि इन लोगों ने न केवल भद्दी-भद्दी गालियां दीं, बल्कि पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। इस अचानक हुए हमले से रामअवतार का परिवार अत्यंत डरा और सहमा हुआ है।
संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप
पुलिस को दी गई तहरीर में रामअवतार ने इस विवाद की मुख्य जड़ पुरानी रंजिश और जमीन-जायदाद को बताया है। पीड़ित का आरोप है कि नामजद आरोपी उसकी पैतृक संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए वे अक्सर उसे डराते-धमकाते रहते हैं ताकि वह दबाव में आकर अपनी जमीन उनके नाम कर दे या गांव छोड़ दे।
इन लोगों पर दर्ज हुआ नामजद मुकदमा
पीड़ित की शिकायत और मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष गोला के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। गांव के ही निम्नलिखित छह लोगों को इस मामले में नामजद किया गया है:
- लालजीव (पुत्र हंसराज)
- श्यामलाल (पुत्र हंसराज)
- संजीव (पुत्र बिहारी)
- रणजीत (पुत्र लालजीव)
- प्रदीप (पुत्र लालजीव)
- विजवंता देवी (पत्नी लालजीव)
बीएनएस (BNS) की इन धाराओं में हुई कार्रवाई
यह ध्यान देने योग्य है कि अब भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) प्रभावी हो चुकी है। गोला पुलिस ने इस मामले में आधुनिक कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है:

- धारा 191(2): दंगा करने या गैर-कानूनी सभा से संबंधित।
- धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करना।
- धारा 351(3): आपराधिक धमकी (जान से मारने की धमकी) देना।
- धारा 126(2): गलत तरीके से रास्ता रोकना (Wrongful Restraint)।
- धारा 131: किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने के लिए उकसाना या हमला करना।
क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता
गोला थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों पर नजर रखी हुई है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर आगे की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में अक्सर इस तरह के Property Dispute हिंसक रूप ले लेते हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि समय रहते पुलिसिया हस्तक्षेप से बड़ी अनहोनी को टाला जा सकता है। फिलहाल, पीड़ित रामअवतार ने प्रशासन से जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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