गोरखपुर जनपद में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और एसआईआर मैपिंग को लेकर पिछले कुछ दिनों से फैल रही भ्रांतियों और नाम कटने की आशंकाओं पर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने विराम लगा दिया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की मंशा किसी भी पात्र मतदाता (Voter) का नाम सूची से हटाना नहीं, बल्कि केवल डेटा का मिलान और सत्यापन करना है।
उन्होंने बताया कि जनपद के 2 लाख 83 हजार लोगों को नोटिस भेजे जाने का उद्देश्य केवल उनकी मैपिंग प्रक्रिया को पूर्ण करना है। जनता को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।

नोटिस का जवाब देना हुआ आसान, खुद आना अनिवार्य नहीं
डीएम दीपक मीणा ने उन लाखों मतदाताओं को बड़ी राहत दी है जिन्हें एसआईआर मैपिंग न होने के कारण नोटिस प्राप्त हुए हैं। उन्होंने प्रक्रिया को सरल बताते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए:
- सरल जवाब: नोटिस मिलने पर मतदाता को तहसील में तैनात पीठासीन अधिकारी के पास स्वयं जाने की मजबूरी नहीं है। वे अपने वैध दस्तावेजों के साथ किसी भी विश्वसनीय व्यक्ति के माध्यम से अपना जवाब भिजवा सकते हैं।
- दस्तावेजों की सूची: यदि वर्ष 2003 की पुरानी सूची से मैपिंग नहीं हो पा रही है, तो निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य किसी भी एक वैकल्पिक पहचान पत्र के आधार पर सत्यापन कराया जा सकता है।
- पता यथावत: डीएम ने स्पष्ट किया कि ड्रॉप लिस्ट में शामिल लोगों के पते में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यह प्रक्रिया केवल रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए है।
घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और 1950 हेल्पलाइन
प्रशासन ने डिजिटल तकनीक के माध्यम से मतदाता पंजीकरण को और भी सुलभ बना दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जो लोग अब तक सूची से बाहर हैं या नए मतदाता बनना चाहते हैं, वे घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म-6 भर सकते हैं।
- हेल्पलाइन नंबर: किसी भी संशय की स्थिति में टोल-फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है।
- विशेष अभियान: आगामी 30 और 31 जनवरी को सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे। यहाँ मौके पर ही समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
- अंतिम तिथि का भ्रम: ड्राफ्ट सूची के लिए 6 फरवरी तक फॉर्म जमा करना बेहतर है, लेकिन उसके बाद भी ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा निरंतर जारी रहेगी।
अब तक की प्रगति के आंकड़े
प्रेस वार्ता में डीएम ने शनिवार शाम तक प्राप्त हुए आवेदनों का विवरण भी साझा किया, जो दर्शाता है कि जनपद के लोग जागरूक हो रहे हैं:
- फॉर्म-6 (नया पंजीकरण): 76,750 आवेदन
- फॉर्म-7 (नाम हटाना/आपत्ति): 1,294 आवेदन
- फॉर्म-8 (संशोधन/स्थानांतरण): 2,200 आवेदन
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं और अब तक छूटे हुए पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य रूप से फॉर्म-6 भरें।
पारदर्शी और मतदाता-हितैषी प्रक्रिया
प्रेस वार्ता में उप जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कुमार सिंह और सहायक निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार पारदर्शी तरीके से चलाई जा रही है। किसी भी मतदाता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य एक शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है, जो एक सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है।
निष्कर्ष: अफवाहों से बचें, लोकतंत्र को मजबूत करें
गोरखपुर प्रशासन का यह स्पष्टीकरण उन लाखों लोगों के लिए सुकून भरा है जो नाम कटने की खबर से चिंतित थे। अब यह प्रत्येक जागरूक मतदाता का कर्तव्य है कि वह समय रहते अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराए और यदि नाम सूची में नहीं है, तो आवेदन पत्र भरकर एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय दे। याद रहे, आपका एक वोट ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
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