बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद अंतर्गत गोला उपनगर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ अभी दो दिन पूर्व शुरू हुए क्षेत्र के पहले सीएनजी (CNG) स्टेशन पर शनिवार को अचानक पाइप लाइन में लीकेज होने से हड़कंप मच गया। गैस इतनी तेजी से लीक हो रही थी कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई देने लगी, जिससे पेट्रोल पंप पर मौजूद वाहन चालकों और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।
यह घटना गोला के भीटी वार्ड स्थित बारानगर ऑटोमोबाइल्स पेट्रोल पंप परिसर की है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गैस के दबाव और उससे उत्पन्न धुंध को साफ देखा जा सकता है। हालांकि, ‘हिंदुस्तान’ इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।
शुभारंभ के दूसरे दिन ही सुरक्षा पर उठे सवाल
क्षेत्र के वाहन स्वामियों और विशेषकर ऑटो चालकों को इस सीएनजी स्टेशन का लंबे समय से इंतजार था। इससे पहले गोला क्षेत्र के लोगों को गैस रिफिलिंग के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर बड़हलगंज, खजनी या मझगावा जाना पड़ता था। स्टेशन शुरू होने से लोग उत्साहित थे कि अब समय और धन दोनों की बचत होगी।
लेकिन शनिवार को हुई इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है:
- पाइप लाइन में खराबी: बताया जा रहा है कि वाहनों में रिफिलिंग के दौरान दबाव बढ़ने से पाइप लाइन में अचानक लीकेज आ गई।
- दुर्गंध और भय: गैस के रिसाव से पूरा वातावरण दुर्गंधयुक्त हो गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दम घुटने और आग लगने का डर पैदा हो गया।
- आपातकालीन कार्रवाई: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंप कर्मचारियों ने तत्काल मेन सप्लाई (Main Supply) को बंद किया, जिसके बाद रिसाव पर काबू पाया जा सका।
वायरल वीडियो से फैली सनसनी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि सीएनजी स्टेशन के नोजल और पाइप के पास से सफेद धुएं जैसी गैस तेज आवाज के साथ निकल रही है। लोग अपनी गाड़ियाँ छोड़कर भागते नजर आ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते सप्लाई बंद नहीं की जाती, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था।
तकनीकी खामी या मानवीय भूल?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्टेशन की स्थापना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। केवल दो दिन के भीतर ही पाइप लाइन का जवाब दे जाना निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है। वाहन मालिकों का कहना है कि जिस सुविधा का उन्हें इंतजार था, वह अब डर का कारण बन रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की तकनीकी जांच कराई जाएगी। सीएनजी एक उच्च दबाव वाली गैस है, इसलिए इसके फिलिंग स्टेशन पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। गनीमत रही कि रिसाव के दौरान कोई ज्वलनशील पदार्थ पास में नहीं था, अन्यथा पेट्रोल पंप परिसर में बड़ा विस्फोट हो सकता था।
निष्कर्ष: सुरक्षा के साथ समझौता नहीं
गोला के बारानगर ऑटोमोबाइल्स पर हुई यह घटना एक चेतावनी है। प्रशासन और गैस एजेंसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्टेशन को दोबारा शुरू करने से पहले सभी सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) पूरे कर लिए जाएं। सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देना पर्यावरण के लिए अच्छा है, लेकिन यह लोगों की जान की कीमत पर नहीं होना चाहिए। वर्तमान में स्टेशन पर रिफिलिंग का कार्य रोक दिया गया है और मरम्मत कार्य जारी है।














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